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मुझ पर भी दया की कर दो नज़र(Mujh Par Bhi Daya Ki Kardo Najar)

मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,

ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।

कुछ दीनों के दुःख की ले लो खबर,

ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।

आरत जन तुमको पुकार रहे हैं,

आने की बाट निहार रहे हैं ।

सिर छिपा के यहाँ बैठे नटवर,

ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।


मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,

ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।


ब्रजबाला व्याकुल रहती है,

ग्वालों की टोली कहती है ।

कब आओगे कान्हा कुँवर बनकर,

ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।


मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,

ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।


जिस बंसी ने प्रेमप्रकाश किया,

रसदायक रास बिलास किया ।

बज जाए वही बंसी घर-घर,

ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।


मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,

ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।


बिसरा दो इन्हें या सम्हालो इन्हें,

ठुकरा दो चाहे अपना लो इन्हें ।

दृग बिन्दु हैं आपके पेशे नज़र,

ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।


मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,

ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।


मुझ पर भी दया की कर दो नज़र,

ऐ श्याम सुंदर. ऐ मुरलीधर ।

कुछ दीनों के दुःख की ले लो खबर,

ऐ श्याम सुंदर ऐ मुरलीधर ।

जगत में कोई ना परमानेंट(Jagat Me Koi Na Permanent)

जगत में कोई ना परमानेंट,
जगत में कोई ना परमानेंट,

श्री विष्णु दशावतार स्तोत्रम् (Shri Vishnu Dashavatar Stotram)

प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम्।

नाम है तेरा तारण हारा(Naam Hai Tera Taran Hara)

नाम है तेरा तारण हारा,
कब तेरा दर्शन होगा,

माघ गुप्त नवरात्रि कवच पाठ

हिंदू धर्म में नवरात्रि का त्योहार देवी माँ के विभिन्न रूपों की पूजा करने हेतु मनाया जाता है। यहां, नवरात्रि शब्द में 'नव' का अर्थ नौ और 'रात्रि' का अर्थ है रातें। इन नौ रातों में देवी मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। हालांकि, 4 नवरात्रियों में से एक माघी नवरात्रि गृहस्थ लोगों के लिए नहीं होती है।

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