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मुझे दास बनाकर रख लेना भोलेनाथ तुम अपने चरणों में: शिव भजन (Mujhe Daas Bana Ke Rakh Lena Bholenath Tum Apne Charno Mein)

मुझे दास बनाकर रख लेना भोलेनाथ तुम अपने चरणों में,

मुझे दास बनाकर रख लेना भोलेनाथ तुम अपने चरणों में,

भोलेनाथ तुम अपने चरणों में भोलेनाथ तुम अपने चरणों में,

मुझें दास बनाकर रख लेना भोलेनाथ तुम अपने चरणों में ॥


मैं भला बुरा हूँ तेरा हूँ मैं भला बुरा हूँ तेरा हूँ,

तेरे द्वार पे डाला डेरा हूँ तेरे द्वार पे डाला डेरा हूँ,

मुझे चाकर जान के रख लेना भोलेनाथ तुम अपने चरणों में,

मुझें दास बनाकर रख लेना भोलेनाथ तुम अपने चरणों में ॥


जब अधम से अधम को तारा है,

जब अधम से अधम को तारा है,

उसमे ही नाम हमारा है उसमे ही नाम हमारा है,

मुझे भार समझ कर रख लेना भोलेनाथ तुम अपने चरणों में,

मुझें दास बनाकर रख लेना भोलेनाथ तुम अपने चरणों में ॥

मत्स्य अवतार की पूजा कैसे करें?

मत्स्य अवतार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से प्रथम है। मत्स्य का अर्थ है मछली। इस अवतार में भगवान विष्णु ने मछली के रूप में आकर पृथ्वी को प्रलय से बचाया था।

शिव अद्भुत रूप बनाए (Shiv Adbhut Roop Banaye)

शिव अद्भुत रूप बनाए,
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श्री प्रेतराज चालीसा (Shree Pretraj Chalisa)

गणपति की कर वंदना, गुरू चरनन चितलाये।
प्रेतराज जी का लिखूं, चालीसा हरषाय।

वरुण देवता की पूजा विधि क्या है?

सनातन धर्म में वरुण देव को जल का देवता माना जाता है।

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