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प्रभु जो तुम्हे हम, बताकर के रोये (Prabhu Jo Tumhe Hum Batakar Ke Roye)

प्रभु जो तुम्हे हम,

बताकर के रोये,

बताकर के रोये,

उसे दिल में कब से,

दबा कर के रोये,

प्रभु जो तुम्हें हम,

बताकर के रोये ॥


किसी ने ना समझी,

मेरी बेक़रारी,

मिला ना कोई अपना,

दुनिया में सारी,

इसी बेबसी को,

छुपा कर के रोये,

प्रभु जो तुम्हें हम,

बताकर के रोये ॥


समझ कर मुक़द्दर,

हमारा यही है,

जो तुमने लिखा है,

वो होता सही है,

ख़ुशी में है सबको,

जताकर के रोये,

प्रभु जो तुम्हें हम,

बताकर के रोये ॥


मोहब्बत है क्या चीज़,

वफ़ा किसको कहते,

नहीं खोज पाओगे,

दुनिया में रहते,

हम ही ऐसे बंधन,

निभा कर के रोये,

प्रभु जो तुम्हें हम,

बताकर के रोये ॥


ये दिल की जो बातें,

तुम्हे कह रहे है,

है छाले जो नैनो की,

राह बह रहे है,

‘पंकज’ तुम्हे जो,

दिखा कर के रोये,

प्रभु जो तुम्हें हम,

बताकर के रोये ॥


प्रभु जो तुम्हे हम,

बताकर के रोये,

बताकर के रोये,

उसे दिल में कब से,

दबा कर के रोये,

प्रभु जो तुम्हें हम,

बताकर के रोये ॥

ना जाने आज क्यो फिर से, तुम्हारी याद आई है (Na Jaane Aaj Kyu Fir Se Tumhari Yaad Aayi Hai)

ना जाने आज क्यों फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥

गिरिजा के छैया, गणपति तुम्हे पुकारूँ (Girija Ke Chheya Ganpati Tumhe Pukaru )

गिरिजा के छैया,
गणपति तुम्हे पुकारूँ,

श्री नृसिंह द्वादशनाम स्तोत्रम्

नरसिंह द्वादशी के दिन भगवान विष्णु के सिंह अवतार की पूजा की जाती है। पौराणिक कथा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए नरसिंह रूप में अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था।

यशोदा जयंती पूजा विधि

सनातन हिंदू धर्म में, यशोदा जयंती, माता यशोदा के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। माता यशोदा को भगवान श्रीकृष्ण की माता के रूप में माना जाता है।