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Subah Savere Lekar Tera Naam Prabhu (सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु)

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु,

करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु ।

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु,

करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु ।


शुद्ध भाव से तेरा ध्यान लगाएं हम,

विद्या का वरदान तुम्हीं से पाए हम ।

शुद्ध भाव से तेरा ध्यान लगाएं हम,

विद्या का वरदान तुम्हीं से पाए हम ।

हाँ, विद्या का वरदान तुम्हीं से पाए हम ।

तुम्ही से है आगाज़ तुम्हीं से अंजाम प्रभु,

करते है हम शुरु आज का काम प्रभु ।


सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु,

करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु ।


गुरुओं का सत्कार कभी न भूले हम,

इतना बनें महान गगन को छु ले हम ।

गुरुओं का सत्कार कभी न भूले हम,

इतना बनें महान गगन को छु ले हम ।

हाँ, इतना बनें महान गगन को छु ले हम ।

तुम्हीं से है हर सुबह तुम्ही से शाम प्रभु,

करते है हम शुरु आज का काम प्रभु ।


सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु,

करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु ।


सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु,

करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु

करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु

करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु ।


ललिता चालीसा का पाठ

ललिता जयंती का पर्व हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। ललिता माता आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी जगत जननी हैं। मान्यता है कि देवी के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

उत्पन्ना एकादशी पर एकाक्षी नारियल अर्पण

उत्पन्ना एकादशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान विष्णु और एकादशी माता की पूजा के लिए विशेष माना जाता है।

शरण हनुमत की जो आया (Sharan Hanumat Ki Jo Aaya)

शरण हनुमत की जो आया,
उसे पल में संभाला है,

सपने में सखी देख्यो नंदगोपाल(Sapane Me Sakhi Dekhyo Nandgopal)

सपने में सखी देख्यो नन्दगोपाल,
सावली सूरतिया हाथो मे बाँसुरिया,