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नैनन में श्याम समाए गयो(Nainan Me Shyam Samay Gayo)

नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,

बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।

मोरे कैल गरारे भाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


मर जाउंगी काहन तेरी अधरन पे,

मिल जाउंगी तेरे नैनन पे ।

वो तो तिर्शी नज़र चलाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,

तेरी बेसर की मोती छलकन पे ।

सपने में कहा पत्राए गायो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


पागल को प्यारो वो नंदलाला,

दीवाना भाए है जाके सब ग्वाला ।

वो तो मधुर मधुर मुस्काये गायो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


सबसे ऊंची प्रेम सगाई (Sabse Unchi Prem Sagai)

सबसे ऊंची प्रेम सगाई,
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।

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सारे जग में विराजे रे, मेरे शिव भोले( Sare Jag Mein Viraje Re Mere Shiv Bhole)

सारे जग में विराजे रे,
मेरे शिव भोले,

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जय हो नन्द लाल की ।

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