नवीनतम लेख

नैनन में श्याम समाए गयो(Nainan Me Shyam Samay Gayo)

नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,

बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।

मोरे कैल गरारे भाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


मर जाउंगी काहन तेरी अधरन पे,

मिल जाउंगी तेरे नैनन पे ।

वो तो तिर्शी नज़र चलाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,

तेरी बेसर की मोती छलकन पे ।

सपने में कहा पत्राए गायो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


पागल को प्यारो वो नंदलाला,

दीवाना भाए है जाके सब ग्वाला ।

वो तो मधुर मधुर मुस्काये गायो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥


नैनन में श्याम समाए गयो,

मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।


बालाजी मुझे अपने, दर पे बुलाना: भजन (Balaji Mujhe Apne Dar Pe Bulana)

बालाजी मुझे अपने,
दर पे बुलाना,

महाकाल की नगरी मेरे मन को भा गई (Mahakal Ki Nagri Mere Maan Ko Bha Gayi)

मेरे भोले की सवारी आज आयी,
मेरे शंकर की सवारी आज आयी,

श्यामा आन बसों वृन्दावन में - भजन (Shyama Aan Baso Vrindavan Me)

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।

बनाएगा मेरी बिगड़ी, मेरा भोला शंकर (Banayega Meri Bigadi Bhola Shankar)

तेरी दया तेरा साया,
सदा रहता मुझ पर,

यह भी जाने