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राधाकृष्ण प्राण मोर युगल-किशोर( RadhaKrishn Prana Mora Yugal Kishor)

राधाकृष्ण प्राण मोर युगल-किशोर ।

जीवने मरणे गति आर नाहि मोर ॥


कालिन्दीर कूले केलि-कदम्बेर वन ।

रतन वेदीर उपर बसाब दुजन ॥


श्याम गौरी अंगे दिब चन्दनेर गन्ध ।

चामर ढुलाब कबे हेरिब मुखचन्द्र ॥


गाँथिया मालतीर माला दिब दोंहार गले ।

अधरे तुलिया दिब कर्पूर ताम्बूले ॥


ललिता विशाखा आदि यत सखीवृन्द ।

आज्ञाय करिब सेवा चरणारविन्द ॥


श्रीकृष्णचैतन्य प्रभुर दासेर अनुदास ।

सेवा अभिलाष करे नरोत्तमदास ॥

सूर्य प्रार्थना

प्रातः स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यं रूपं हि मंडलमृचोऽथ तनुर्यजूंषि।
सामानि यस्य किरणाः प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यमचिन्त्यरूपम् ॥

1 से 7 जनवरी तक के व्रत और त्योहार

इस बार नए साल के पहले हफ्ते में कई व्रत-त्योहार पड़ने वाले हैं। इस बार नए साल की शुरुआत बुधवार के दिन हो रही है। ऐसे में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करना अधिक शुभ रहेगा।

भूमिपूजन कैसे करें?

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की कृपा के बिना कोई भी शुभ काम सफल नहीं होता है इसलिए, घर बनाने से पहले भूमि पूजन करना बहुत जरूरी है। इस अनुष्ठान से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति आती है।

जन्माष्टमी पर जरूर पढ़ें ये कथा

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कहते हैं, क्योंकि यह दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। भगवान कृष्ण ने माता देवकी की आठवीं संतान के रूप में जन्म लिया था।

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