नवीनतम लेख

राधाकृष्ण प्राण मोर युगल-किशोर( RadhaKrishn Prana Mora Yugal Kishor)

राधाकृष्ण प्राण मोर युगल-किशोर ।

जीवने मरणे गति आर नाहि मोर ॥


कालिन्दीर कूले केलि-कदम्बेर वन ।

रतन वेदीर उपर बसाब दुजन ॥


श्याम गौरी अंगे दिब चन्दनेर गन्ध ।

चामर ढुलाब कबे हेरिब मुखचन्द्र ॥


गाँथिया मालतीर माला दिब दोंहार गले ।

अधरे तुलिया दिब कर्पूर ताम्बूले ॥


ललिता विशाखा आदि यत सखीवृन्द ।

आज्ञाय करिब सेवा चरणारविन्द ॥


श्रीकृष्णचैतन्य प्रभुर दासेर अनुदास ।

सेवा अभिलाष करे नरोत्तमदास ॥

शेरावाली के दरबार में, होती है सुनवाई (Sherawali Ke Darbar Mein Hoti Hai Sunwai)

शेरावाली के दरबार में,
होती है सुनवाई,

Tune Mujhe Bulaya Sherawaliye (तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये)

साँची ज्योतो वाली माता,
तेरी जय जय कार ।

विवाह पंचमी के दिन बांके बिहारी का जन्मदिन

विवाह पंचमी के अवसर पर वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है।

हर ग्यारस खाटू में अमृत जो बरसता है (Har Gyaras Khatu Me Amrit Jo Barasta Hai)

हर ग्यारस खाटू में,
अमृत जो बरसता है,

यह भी जाने