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रहे संग तेरा नाम प्रभु हर पल मेरे जीवन में(Rahe Sang Tera Naam Prabhu Har Pal Mere Jeevan Mein)

रहे संग तेरा नाम प्रभु,

हर पल मेरे जीवन में,

नही पल कोई ऐसा हो,

जिस पल तू ना हो मन में

रहें संग तेरा नाम प्रभु,

हर पल मेरे जीवन में ॥


नादान हूँ मैं निर्गुण,

बस गुण यही पाया है,

तेरे नाम के मोती से,

जग अपना सजाया है,

यूँ ही तेरे नाम रतन,

बरसे मेरे आंगन में,

रहें संग तेरा नाम प्रभु,

हर पल मेरे जीवन में ॥


जब बंद करूँ आँखे,

मन मेरा चहकता है,

अहसास तेरा भगवन,

सांसो में महकता है,

खुशबु ये बनी रहे,

मेरे मन मधुबन में,

रहें संग तेरा नाम प्रभु,

हर पल मेरे जीवन में ॥


अपनो के छल से जब,

अंतर ये झुलस जाता,

तेरे नाम के चिंतन से,

मन शीतल हो जाता,

‘अंकुश’ ये शीतलता,

रहे अब अंतर्मन में,

रहें संग तेरा नाम प्रभु,

हर पल मेरे जीवन में ॥


रहे संग तेरा नाम प्रभु,

हर पल मेरे जीवन में,

नही पल कोई ऐसा हो,

जिस पल तू ना हो मन में

रहें संग तेरा नाम प्रभु,

हर पल मेरे जीवन में ॥

मुझे रंग दे ओ रंगरेज (Mujhe Rang De O Rangrej)

मुझे रंग दे ओ रंगरेज,
चुनरिया सतरंगी,

बसंत पंचमी पर गुलाल क्यों चढ़ाते हैं?

हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा की जाती है। इस साल बसंत पंचमी 2 फरवरी को मनाई जाएगी।

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के उपाय

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी विघ्न समाप्त होते हैं और जीवन में शुभता आती है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को विधिपूर्वक करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।

माँ का है जगराता, माँ को आज मनाएंगे(Maa Ka Hai Jagrata Maa Ko Aaj Manayenge)

माँ का है जगराता,
माँ को आज मनाएंगे,

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