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राम दीवाना हो मस्ताना, झूमे देखो बजरंगबली (Ram Diwana Ho Mastana Jhoome Dekho Bajrangbali)

राम दीवाना हो मस्ताना,

झूमे देखो बजरंगबली,

बजरंगबली बजरंगबली,

झूमे देखो बजरंगबली ॥


श्री राम की धुन में रहता,

हर दम ये मतवाला,

पवन पुत्र है वीर बजरंगी,

अंजनी माँ का लाला,

इनके चरणों में रहकर के,

साऱी विपदा टली टली,

राम दीवाना हो मस्ताना,

झूमे देखो बजरंगबली ॥


सियाराम के सारे कारज,

पल में ही सवारे,

सीता माँ की सुध लाये,

और लखन के प्राण बचाये,

रावण की लंका में पहुंचे देखो मच गयी है खाल बली,

राम दीवाना हो मस्ताना,

झूमे देखो बजरंगबली ॥


इनकी कृपा पाना चाहो,

राम नाम गुण गालो,

राम बसे इनके हिर्दय में,

तुम इनको हिर्दय में बसा लो,

कलयुग में है इनके नाम की धूम मची है गली गली,

राम दीवाना हो मस्ताना,

झूमे देखो बजरंगबली ॥

मैं काशी हूँ (Main Kashi Hoon)

मेरे तट पर जागे कबीर,
मैं घाट भदैनी तुलसी की,

है सहारा अब मुझे तो, राम सकल गुणधाम का (Hai Sahara Ab Mujhe To Ram Sakal Gundham Ka)

हो के नाचूं अब दिवाना,
मैं प्रभु श्रीराम का,

गणगौर व्रत की पौराणिक कथा

गणगौर व्रत चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है, जिसे गौरी तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत का विशेष महत्व विवाहित और अविवाहित महिलाओं के लिए होता है।

ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें (Aisi Bhakti Mahadev De Do Hame)

ऐसी भक्ति हे शम्भू दे दो मुझे,
रात दिन मैं भजन तेरे गाता रहूं,

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