नवीनतम लेख

राम सिया राम, सिया राम जय जय राम (Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram)

राम सिया राम सिया राम जय जय राम रामायण चौपाई


राम सिया राम सिया राम,

जय जय राम,

राम सिया राम सिया राम,

जय जय राम॥


मंगल भवन अमंगल हारी,

द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


होइ है वही जो राम रच राखा,

को करे तरफ़ बढ़ाए साखा।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


धीरज धरम मित्र अरु नारी,

आपद काल परखिये चारी।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


जेहि के जेहि पर सत्य सनेहू,

सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


जाकी रही भावना जैसी,

प्रभु मूरति देखी तिन तैसी।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता

कहहि सुनहि बहुविधि सब संता।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


रघुकुल रीत सदा चली आई,

प्राण जाए पर वचन न जाई।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


राम सिया राम सिया राम,

जय जय राम,

राम सिया राम सिया राम,

जय जय राम॥

गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa)

प्रथम वंदनीय गणेशजी को समर्पित मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की आराधना का विशेष महत्व है।

भोले ओ भोले आया दर पे (Bhole O Bhole Aaya Dar Pe)

भोले ओ भोले आया दर पे,
मेरे सिर पे,

महाशिवरात्रि 2025 कब है

सनातन हिंदू धर्म में, महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। आमतौर पर यह फरवरी या मार्च महीने में आती है।

मासिक शिवरात्रि के दिन यह भोग लगाएं

मासिक शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित विशेष पर्व है, जो हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं।