नवीनतम लेख

श्रीनाथ बनके दीनानाथ बनके चले आना प्रभुजी चले आना - भजन (Shrinath Banke Dinanath Banake Chale Aana Prabhuji Chane Aana)

श्रीनाथ बनके दीनानाथ बनके,

चले आना प्रभुजी चले आना ॥


तुम बालकृष्ण रूप में आना,

वैष्णव को दर्श दिखाना,

गोवर्धन नाथ बनके,

गिरिवर हाथ धरके,

चले आना प्रभुजी चले आना,

श्रींनाथ बनके दीनानाथ बनके,

चले आना प्रभुजी चले आना ॥


तुम वृन्दावन में आना,

संग राधाजी को लाना,

व्रजनाथ बनके राधाकांत बनके,

चले आना प्रभुजी चले आना,

श्रींनाथ बनके दीनानाथ बनके,

चले आना प्रभुजी चले आना ॥


तुम गोकुल मथुरा में आना,

बाललीला अपनी दिखाना,

गोकुलनाथ बनके यदुनाथ बनके,

चले आना प्रभुजी चले आना,

श्रींनाथ बनके दीनानाथ बनके,

चले आना प्रभुजी चले आना ॥


मेरे मनमंदिर में आना,

श्रद्धा का दीप जलाना,

सारे दोष हरले मुझे अपना करले,

चले आना प्रभुजी चले आना,

श्रींनाथ बनके दीनानाथ बनके,

चले आना प्रभुजी चले आना ॥


श्रीनाथ बनके दीनानाथ बनके,

चले आना प्रभुजी चले आना ॥

जगन्नाथ भगवान जी का भजन (Jagannath Bhagwan Ji Ka Bhajan)

चारों धाम में सबसे बड़ा है ,जगन्नाथ धाम
जगन्नाथ भगवान की, महिमा अपरम्पार

तेरी चौखट पे ओ बाबा, जिंदगी सजने लगी(Teri Chaukhat Pe O Baba Zndagi Sajne Lagi)

तेरी चौखट पे ओ बाबा,
जिंदगी सजने लगी,

हरि तुम हरो जन की भीर(Hari Tum Haro Jan Ki Bhir)

हरि तुम हरो जन की भीर।
द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥

मासिक शिवरात्रि के दिन यह भोग लगाएं

मासिक शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित विशेष पर्व है, जो हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं।