नवीनतम लेख

सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे (Sabker Sudhi Aahan Lai Chhi He Ambe)

सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे

हमरा किए बिसरै छी हे


थिकहुँ पुत्र अहींकेर जननी

से तऽ अहाँ जनै छी हे


एहन निष्ठुर किए अहाँ भेलहुँ

कनिको दृष्टि नहि दै छी हे


क्षण-क्षण पल-पल ध्यान करै छी

नाम अहींकेर जपै छी हे


रैनि-दिवस हम ठाढ़ रहै छी

दर्शन बिनु तरसै छी हे


छी जगदम्बा, जग अवलम्बा

तारिणि तरणि बनै छी हे


हमरा बेरि किए ने तकै छी

पापी जानि ठेलै छी हे


सभ के सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे

मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ (Main Do-Do Maa Ka Beta Hun)

मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ,
दोनों मैया बड़ी प्यारी है ।

राम नाम जपते है, मस्ती में रहते है(Ram Naam Japte Hai Masti Mein Rehte Hain)

राम नाम जपते है,
मस्ती में रहते है,

सूर्यदेव की पूजा किस विधि से करें?

वेदों में सूर्य को न केवल जगत की आत्मा बल्कि ईश्वर का नेत्र भी माना गया है। जीवन, स्वास्थ्य और शक्ति के देवता के रूप में उनकी पूजा की जाती है।

महाशिवरात्रि पर 11 घंटे भद्रा का साया

वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि 26 मार्च 2025 को मनाई जाएगी। सभी शिवभक्तों को हर साल महाशिवरात्रि के पर्व का इंतजार बेसब्री से रहता है।

यह भी जाने