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सांवरिया थारी याद में, अँखियाँ भिगोया हाँ(Sawariya Thari Yaad Me Akhiyan Bhigoya Haan)

सांवरिया थारी याद में,

अँखियाँ भिगोया हाँ,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥


म्हारी जीवन नैया थारे,

चरणा शीश का दानी,

हाथ लगा दो पार करा दो,

कर दो ना थे मेहरबानी,

खाटू का राजा कद म्हारे,

सिर पर हाथ फिराओगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥


जद जद थारी ज्योत जगाई,

हिवड़ो भर भर आयो,

बाबो म्हारे सागे कोणी,

सोच के जी मचलायो,

बाबा बतलाओ कद मेरो,

मन को भरम थे तोड़ोगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥


जग यो सारो जाणे थारी,

म्हारी प्रीत पुराणी,

म्हा पर के के बित्यो बाबा,

थासु कुछ नहीं छानी,

कुणाल यो हारयो कद वाकी,

बोलो जीत कराओगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥


सांवरिया थारी याद में,

अँखियाँ भिगोया हाँ,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥

कर दो दुखियो का दुःख दूर, ओ बाघम्बर वाले (Kar Do Dukhiyo Ka Dukh Dur O Baghambar Wale)

कर दो दुखियो का दुःख दूर,
ओ बाघम्बर वाले,

वैदिक मंत्र क्यों पढ़ने चाहिए?

वैदिक मंत्रों का पाठ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है। ये मंत्र दिव्य शक्तियों से जुड़े होते हैं, जो हमारे जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करते हैं।

राधा से कर दे सगाई(Radha Se Karde Sagai)

प्यारी ओ प्यारी मैया,
ओ प्यारी प्यारी मैया,

पौष मास है छोटा पितृ पक्ष

पौष मास को छोटा पितृ पक्ष भी कहा जाता है। सूर्यदेव के कन्या राशि में आने पर होने वाले मुख्य पितृ पक्ष के अलावा इस माह में भी श्राद्ध तथा पिंडदान के अलावा भगवान विष्णु और सूर्यदेव की पूजा का भी विशेष महत्व है।

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