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सांवरिया थारी याद में, अँखियाँ भिगोया हाँ(Sawariya Thari Yaad Me Akhiyan Bhigoya Haan)

सांवरिया थारी याद में,

अँखियाँ भिगोया हाँ,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥


म्हारी जीवन नैया थारे,

चरणा शीश का दानी,

हाथ लगा दो पार करा दो,

कर दो ना थे मेहरबानी,

खाटू का राजा कद म्हारे,

सिर पर हाथ फिराओगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥


जद जद थारी ज्योत जगाई,

हिवड़ो भर भर आयो,

बाबो म्हारे सागे कोणी,

सोच के जी मचलायो,

बाबा बतलाओ कद मेरो,

मन को भरम थे तोड़ोगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥


जग यो सारो जाणे थारी,

म्हारी प्रीत पुराणी,

म्हा पर के के बित्यो बाबा,

थासु कुछ नहीं छानी,

कुणाल यो हारयो कद वाकी,

बोलो जीत कराओगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥


सांवरिया थारी याद में,

अँखियाँ भिगोया हाँ,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा,

कद आंसू पोछण ताईं,

थे आवोगा ॥

प्रदोष व्रत पर क्या करें या न करें

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा के लिए किया जाता है। यह व्रत प्रत्येक महीने में दो बार, त्रयोदशी तिथि को (स्नान, दिन और रात के समय के अनुसार) किया जाता है, एक बार शुक्ल पक्ष में और दूसरी बार कृष्ण पक्ष में।

होरी खेली न जाय (Hori Kheli Na Jaay)

नैनन में पिचकारी दई,
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माघ कृष्ण की षट्तिला एकादशी (Magh Krishna ki Shattila Ekaadashee)

एक समय दालभ्यजी ने प्रजापति ब्रह्माजी के पुत्र पुलस्त्य जी से प्रश्न किया कि प्रभो! क्या कोई ऐसी भी शक्ति या उपाय है कि जिसके करने से ब्रह्महत्या करने इत्यादि के कुटिल कर्मों के पापों से मनुष्य सरलता पूर्वक छूट जाय भगवन् !

चैत्र महीना व्रत-त्योहार लिस्ट

चैत्र माह हिंदू पंचांग का पहला महीना होता है। इसे हिंदू नववर्ष की शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा यह वसंत ऋतु के खत्म होने का प्रतीक भी है। इस महीने में कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं, जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखते हैं। यह त्योहार हमें धर्म, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।

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