नवीनतम लेख

शक्ति माता हे महाशक्ति, ये सच्चा अवतार है(Shakti Maata Hai Mahashakti Ye Saccha Avatar Hai)

शक्ति माता हे महाशक्ति,

ये सच्चा अवतार है,

भोरासा की पावन भूमि,

पर इनका दरबार है,

माँ के रूप में पालन करती,

सबकी पालनहार है

सच्चा दरबार है झुकता संसार है ॥


शक्ति माता ममतामई,

जगदंबा रूप भवानी है,

इनके चरणों से हम सब की,

प्रीत बहुत ही पुरानी है,

अंबर के तारों से ज्यादा,

इस माँ के उपकार है,

सच्चा दरबार है झुकता संसार है ॥


उलझन बनकर वक्त का पहिया,

राह में जब-जब रुक जाता,

मां की दुआओं की शक्ति से,

वो फिर आगे बढ़ जाता,

रक्षा करती सदा हमारी,

मैया का आभार है,

सच्चा दरबार है झुकता संसार है ॥


ऊंच-नीच का भेद मिटाती,

मां सबको ही प्यार करें,

ताल की पाल पर बैठी मैया,

‘मंत्री’ का उद्धार करें,

महका भोले भवरनाथ से,

सारा घर संसार है,

सच्चा दरबार है झुकता संसार है ॥


शक्ति माता हे महाशक्ति,

ये सच्चा अवतार है,

भोरासा की पावन भूमि,

पर इनका दरबार है,

माँ के रूप में पालन करती,

सबकी पालनहार है

सच्चा दरबार है झुकता संसार है ॥

मौनी अमावस्या पर सपने में पितरों को देखना शुभ या अशुभ?

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है जो पितरों के मोक्ष के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके दान करने का महत्व है जिससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके कष्टों को दूर किया जा सकता है।

मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि व्रत काफ़ी शुभ माना जाता है। यह त्योहार हर मास कृष्ण पक्ष के 14वें दिन मनाया जाता है। इस बार यह व्रत शुक्रवार, 29 नवंबर 2024 के दिन मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त इस तिथि पर व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं, उन्हें सुख-शांति और धन-वैभव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कहा जाता है कि शिव जी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह व्रत काफ़ी महत्वपूर्ण है।

मन नो मोरलियो रटे(Man No Moraliyo Rate )

मन नो मोरलियो,
रटे तारु नाम,

शिव पुराण में महाशिवरात्रि कथा

हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जाती है, जिसे मासिक शिवरात्रि कहते हैं। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है, जिसका विशेष महत्व है। महाशिवरात्रि का पर्व शिव भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

यह भी जाने