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शंकर का डमरू बाजे रे: शिव भजन (Shankar Ka Damru Baje Re)

शंकर का डमरू बाजे रे,

कैलाशपति शिव नाचे रे ॥


जटाजूट में नाचे गंगा,

शिव मस्तक पर नाथे चंदा,

नाचे वासुकी नीलकंठ पर,

नागेश्वर गल साजे रे,

शंकर का डमरू बाजे रे,

कैलाशपति शिव नाचे रे ॥


सीस मुकुट सोहे अति सुंदर,

नाच रहे कानन में कुंडल,

कंगन नूपुर चर्म-ओढ़नी,

भस्म दिगम्बर राजे रे,

शंकर का डमरू बाजे रे,

कैलाशपति शिव नाचे रे ॥


कर त्रिशूल कमंडल साजे,

धनुष-बाण कंधे पै नाचे,

बजे 'मधुप' मृदंग ढोल डफ,

शंख नगारा बाजे रे,

शंकर का डमरू बाजे रे,

कैलाशपति शिव नाचे रे ॥


तीनलौक डमरू जब बाजे,

डम डम डम डम की ध्यनि गाजे,

ब्रह्म नाचे, विष्णु नाचे,

अनहद का स्वर गाजे रे,

शंकर का डमरू बाजे रे,

कैलाशपति शिव नाचे रे ॥

है पावन शिव का धाम हरिद्वार (Hai Pawan Shiv Ka Dham Haridwar)

कल कल कल जहाँ निर्मल बहती,
माँ गंगा की धार,

मंत्र जाप का सही समय

हिंदू धर्म में मंत्र जाप को आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम माना जाता है। मंत्र जाप से ना सिर्फ मानसिक शांति प्राप्त होती है। बल्कि, यह साधक को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति से भी परिपूर्ण कर देता है।

भोलेनाथ की शादी है हम सारे जाऐंगे (Bholenath Ki Shadi Hai Hum Sare Jayege)

भोलेनाथ की शादी है हम सारे जाऐंगे,
भोलेनाथ की शादी में नाचेंगे गाएंगे,

मेरी लाज बचा लो(Meri Laaj Bacha Lo)

कन्हैया आजा, आजा बंसी बजैया
हारे के साथी कहाते हो श्याम

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