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शिव शम्भू सा निराला, कोई देवता नहीं है (Shiv Shambhu Sa Nirala Koi Devta Nahi Hai)

शिव शम्भू सा निराला,

कोई देवता नहीं है,

जैसा भी है डमरू वाला,

कोई देवता नहीं है ॥


सर पे बसी है गंगा,

माथे पे चन्द्रमा है,

नंदी की है सवारी,

अर्धांगिनी उमा है,

गले सर्प की है माला,

कोई देवता नहीं है,

जैसा भी है डमरू वाला,

कोई देवता नहीं है ॥


अमृत की कामना से,

सब मथ रहे शिवसागर,

निकला है उससे विष जो,

सब पि गए हलाहल,

उस ज़हर को पिने वाला,

कोई देवता नहीं है,

जैसा भी है डमरू वाला,

कोई देवता नहीं है ॥


आशा हुई निराशा,

जाए तो किसके द्वारे,

तुझे छोड़ हे महेश्वर,

अब किसको हम पुकारे,

सूना है मन शिवाला,

कोई देवता नहीं है,

जैसा भी है डमरू वाला,

कोई देवता नहीं है ॥


शिव शम्भू सा निराला,

कोई देवता नहीं है,

जैसा भी है डमरू वाला,

कोई देवता नहीं है ॥


प्रदोष व्रत पर इन चीजों का करें दान

विवाह एक पवित्र और 16 महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जो दो आत्माओं को जोड़ता है। लेकिन कई बार वैवाहिक जीवन में समस्याएं और बाधाएं आ जाती हैं, जो जीवन को कठिन बना देती हैं। ऐसे में प्रदोष व्रत एक शक्तिशाली तरीका है, जो विवाह की बाधाओं को दूर करने में मदद कर सकता है।

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श्यामा आन बसो वृंदावन में,
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शरद पूर्णिमा की खीर

कोजागरा पूजा जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है, मिथिलांचल सहित पूरे उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण पर्व है।

बनेंगे सारे बिगड़े काम, प्रभु श्री राम को पूजो (Banenge Sare Bigde Kaam Prabhu Shri Ram Ko Pujo)

बनेंगे सारे बिगड़े काम,
प्रभु श्री राम को पूजो,