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तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ(Tera Darbar Humne Sajaya Hai Maa)

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ,

तुमको बुलाया है माँ,

ये बता दो बता दो,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥


भूल हो कोई उसको भुला दीजिये,

अपने चरणों में मुझको जगह दीजिये,

तेरी ज्योति को हमने जलाया है माँ,

सर को झुकाया है माँ,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥


तुमने लाखो की बिगड़ी बनाई है माँ,

मेरी बारी क्यों देर लगाई है माँ,

मन के मंदिर में तुमको बिठाया है माँ,

सर को झुकाया है माँ,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥


जैसे औरो के संकट मिटाए है माँ,

आस मेरी भी पूरी कर दो ओ माँ,

तेरे भजनों को ‘मनीष’ ने गाया है माँ,

‘भावेश’ ने सजाया है माँ,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥


तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ,

तुमको बुलाया है माँ,

ये बता दो बता दो,

ये बता दो पूजा में कोई,

कमी तो नही कमी तो नही,

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥

मन की मुरादें, पूरी कर माँ(Mann Mi Muraden Poori Kar Maa)

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

हनुमत जय बजरंगबली (Hanumat Jay Bajrangbali)

हनुमत जय बजरंगबली,
आपका नाम जपा है जिसने,

शम्भु स्तुति - नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं (Shambhu Stuti - Namami Shambhu Purusham Puranam)

नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं
नमामि सर्वज्ञमपारभावम् ।

भीष्म द्वादशी पूजा विधि

हिंदू धर्म में भीष्म द्वादशी का काफी महत्व है। यह माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है। इस साल रविवार, 9 फरवरी 2025 को भीष्म द्वादशी का व्रत रखा जाएगा।

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