गणपति देवा मेरे गणपति देवा (Ganpati Deva Mere Ganpati Deva)

गणपति देवा मेरे गणपति देवा,

माता तेरी पार्वती,

माता तेरी पार्वती,

पिता महादेवा,

गणपति देवा मेरे गणपति देवा ॥


विघ्न हरण देवा तू कहलाता,

सिद्ध कारज होंवे उसके,

प्रथम जो भी ध्याता,

चरणों में आए हम करने तेरी सेवा,

गणपति देवा मेरे गणपति देवा ॥


देवों में देव प्रभु तू है निराला,

शिव का दुलारा तू है गौरा जी का लाला,

भोग है प्रिय तुम्हें,

मोदक मेवा,

गणपति देवा मेरे गणपति देवा ॥


रिद्धि सिद्धि संग मेरे घर में पधारो,

चरणों की दासी ’भाषा’ काज संवारो,

हर दिन हर पल बप्पा करें तेरी सेवा,

गणपति देवा मेरे गणपति देवा ॥


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सबसे पहला मनावा, थाने देवा रा सरदार (Sabse Pahle Manaba Thane Deva Ra Sardar)

सबसे पहला मनावा,
थाने देवा रा सरदार,

फाल्गुन महीना दुर्गा अष्टमी

प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि मां दुर्गा को समर्पित है। इस शुभ तिथि पर जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा-भक्ति की जाती है। साथ ही अष्टमी का व्रत रखा जाता है।

गंगा से गंगाजल भरक (Ganga Se Gangajal Bharke)

गंगा से गंगाजल भरके,
काँधे शिव की कावड़ धरके,

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