गौरी के लाला हो, मेरे घर आ जाना (Gauri Ke Lala Ho Mere Ghar Aa Jana)

गौरी के लाला हो,

मेरे घर आ जाना,

घर आँगन की ओ देवा,

शोभा बढ़ा जाना,

गौरी के लाला हों,

मेरे घर आ जाना ॥


भादो मास आया है,

संग में खुशियाँ लाया है,

बड़े जतनो से है मैंने,

घर क़ो अपने सजाया है,

तूने वादा किया था मुझसे,

वादा निभा जाना,

गौरी के लाला हों,

मेरे घर आ जाना ॥


चंदन चौकी सजाऊं,

उसपे तुझको बिठाऊं,

पान फूल चढ़ाके,

मोदक भोग लगाऊं,

बड़े प्रेम से बनाए हैं,

ये लडवन खा जाना,

गौरी के लाला हों,

मेरे घर आ जाना ॥


रोज कीर्तन गजानन करूँ,

तेरी भक्ति में ध्यान धरूँ,

पुरी श्रद्धा से हे मेरे देवा,

निश दिन मैं तेरा पूजन करूँ,

अकेले ना आना प्रभु,

रिद्धि सिद्धि संग लाना,

गौरी के लाला हों,

मेरे घर आ जाना ॥


जपे तेरा जो नाम प्रभु,

करते तुमको प्रणाम प्रभु,

उनके विघ्न और बाधा टलें,

बनते बिगड़े काम प्रभु,

आस मैंने लगाई है जो,

उसको पुगा जाना,

गौरी के लाला हों,

मेरे घर आ जाना ॥


गौरी के लाला हो,

मेरे घर आ जाना,

घर आँगन की ओ देवा,

शोभा बढ़ा जाना,

गौरी के लाला हों,

मेरे घर आ जाना ॥


........................................................................................................
मुंडन संस्कार पूजा विधि

मुंडन संस्कार हिंदू धर्म के सबसे पवित्र संस्कारों में से एक हैं। इसे बच्चे के जन्म के एक निश्चित समय बाद पूरा किया जाना होता है। यह संस्कार बच्चे के जीवन में एक नया चरण शुरू करने का प्रतीक होता है।

पौष में सूर्यदेव की पूजा क्यों होती है

पौष मास हिंदू पंचांग का दसवां महीना है और इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना गया है। यह महीना 13 जनवरी तक रहेगा, जिसके बाद माघ महीने की शुरुआत होगी।

विसर्जन को चलीं रे, चली रे मोरी मैया (Visarjan Ko Chali Re Chali Mori Maiya)

विसर्जन को चली रे,
चली रे मोरी मैया,

आई सिंघ पे सवार (Aayi Singh Pe Swar)

आई सिंघ पे सवार,
मईया ओढ़े चुनरी,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने