परमात्मा है प्यारे, तेरी आत्मा के अन्दर - भजन (Parmatma Hai Pyare Teri Aatma Ke Andar)

परमात्मा है प्यारे,

तेरी आत्मा के अन्दर ।

अम्बर है एक तारे में,

एक बूँद में समंदर ॥


परमात्मा है प्यारे,

तेरी आत्मा के अन्दर ।

परमात्मा है प्यारे,

तेरी आत्मा के अन्दर ।


इंसान से भी ज़्यादा,

विश्वास में है शक्ति ।

भगवान् बना देगी,

तुझको ही तेरी भक्ति ॥


परमात्मा है प्यारे,

तेरी आत्मा के अन्दर ।


क्यूँ लूट पे जीता है,

क्यूँ पाप कमाता है ।

अपनी ही निगाहों में,

क्यूँ खुद को गिराता है ॥


परमात्मा है प्यारे,

तेरी आत्मा के अन्दर ।


अपनी शक्ति तुम मुझ में भर दो,

मेरी कमजोरी को दूर कर दो ।

दुनिया से मैं बुराई का नाम मिटा दूँ.

जालिम शैतानों को मैं इंसान बना दूँ ॥


........................................................................................................
कलयुग में फिर से आजा, डमरू बजाने वाले (Kalyug Mein Fir Se Aaja Damru Bajane Wale)

कलयुग में फिर से आजा,
डमरू बजाने वाले,

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर करें ये उपाय

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, स्नान-दान और भगवान की आराधना करने से साधक को शुभ फल प्राप्त होते हैं।

गोगा नवमी (Goga Navami)

आज मनाई जा रही है गोगा नवमी, संतान सुख की प्राप्ति के लिए पूजे जाते हैं गोगा देव, सर्पभय से मिलती है मुक्ति

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।