सुन मेरी मात मेरी बात (Sun Meri Maat Meri Baat)

सुन मेरी मात मेरी बात,

छानी कोणी तेरे से,

आँखड़ली चुराके मैया,

जासी कठे मेरे से ॥


झुँझन वाली मैया तेरी,

शरण में आ गयो,

दादी थारो रूप म्हारे,

नैणां में समां गयो,

मत बिसरावे मैया,

हार मानी तेरे से,

आँखड़ली चुराके मैया,

जासी कठे मेरे से ॥


बालक हूँ मैं दादी थारो,

मुझसे निभाय ले,

दुखड़े को मारयो हूँ,

मन्ने कालजे लगायले,

पथ दिखलादे मैया,

काढ़ ले अँधेरे से,

आँखड़ली चुराके मैया,

जासी कठे मेरे से ॥


सिर पर सोहे चुनड़ी,

कानो में कुण्डल भारी है,

हाथां मेहंदी लाल थारी,

सिंह की सवारी है,

खाली हाथ बोल कईया,

जाऊ तेरे डेरे से,

आँखड़ली चुराके मैया,

जासी कठे मेरे से ॥


सुन मेरी मात मेरी बात,

छानी कोणी तेरे से,

आँखड़ली चुराके मैया,

जासी कठे मेरे से ॥


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अब किसी महफिल में जाने (Ab Kisi Mehfil Me )

अब किसी महफिल में जाने,
की हमें फुर्सत नहीं,

केलवा के पात पर(Kelwa Ke Paat Par)

केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके
केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके

बुध प्रदोष व्रत, नवंबर 2024

सनातन धर्म में प्रत्येक तिथि का अपना विशेष महत्व है, जैसे एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है, वैसे ही त्रयोदशी तिथि महादेव भगवान शिव की प्रिय तिथि मानी जाती है।

आए मैया के नवराते (Aaye Maiya Ke Navrate)

आए मैया के नवराते,
हो रहे घर घर में,

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