तुम उठो सिया सिंगार करो, शिव धनुष राम ने तोड़ा है (Tum Utho Siya Singar Karo Shiv Dhanush Ram Ne Toda Hai)

तुम उठो सिया सिंगार करो,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है,

सीता से नाता जोड़ा है,

तुम उठो सिया सिंगार करों,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है ॥


शीश सिया के चुनर सोहे,

टिके की छवि न्यारी है,

न्यारी न्यारी क्या कहिये,

रघुवर को जानकी प्यारी है,

तुम उठो सिया सिंगार करों,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है ॥


हाथ सिया के चूड़ी सोहे,

कंगन की छवि न्यारी है,

न्यारी न्यारी क्या कहिये,

रघुवर को जानकी प्यारी है,

तुम उठो सिया सिंगार करों,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है ॥


कमर सिया के तगड़ी सोहे,

झुमके की छवि न्यारी है,

न्यारी न्यारी क्या कहिये,

रघुवर को जानकी प्यारी है,

तुम उठो सिया सिंगार करों,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है ॥


पैर सिया के पायल सोहे,

बिछिया की छवि न्यारी है,

न्यारी न्यारी क्या कहिये,

रघुवर को जानकी प्यारी है,

तुम उठो सिया सिंगार करों,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है ॥


तुम उठो सिया सिंगार करो,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है,

सीता से नाता जोड़ा है,

तुम उठो सिया सिंगार करों,

शिव धनुष राम ने तोड़ा है ॥

........................................................................................................
तेरी बिगडी बना देगी, चरण रज राधा प्यारी की(Teri Bigdi Bana Degi Charan Raj Radha Pyari Ki)

तेरी बिगड़ी बना देगी,
चरण रज राधा प्यारी की ॥

म्हारी झुँझन वाली माँ, पधारो कीर्तन में(Mhari Jhunjhan Wali Maa Padharo Kirtan Me)

म्हारी झुँझन वाली माँ,
पधारो कीर्तन में,

कलयुग में शिवयुग आया है (Kalyug Mein Shiv Yug Aaya Hai)

कलयुग में शिवयुग आया है,
महादेव ये तेरा रचाया है,

तेरे दरशन को गणराजा, तेरे दरबार आए है (Tere Darshan Ko Ganraja Tere Darbar Aaye Hai)

तेरे दर्शन को गणराजा ॥
दोहा – नसीब वालों को हे गणराजा,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।