जानकी नाथ सहाय करें (Janaki Nath Sahay Kare)

जानकी नाथ सहाय करें

जानकी नाथ सहाय करें,

जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो


सुरज मंगल सोम भृगु सुत बुध और गुरु वरदायक तेरो

राहु केतु की नाहिं गम्यता,

संग शनीचर होत हुचेरो

जानकी नाथ सहाय करें..


दुष्ट दु:शासन विमल द्रौपदी,

चीर उतार कुमंतर प्रेरो

ताकी सहाय करी करुणानिधि,

बढ़ गये चीर के भार घनेरो

जानकी नाथ सहाय करें..


जाकी सहाय करी करुणानिधि,

ताके जगत में भाग बढ़े रो

रघुवंशी संतन सुखदाय,

तुलसीदास चरनन को चेरो


जब जानकी नाथ सहाय करें,

जब जानकी नाथ सहाय करे,

तब कौन बिगाड़ करे नर तेरो

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नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया नाथद्वारा सन्मुख होगा (Naam Hai Tera Krishna Kanhaiya)

नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया,
नाथद्वारा सन्मुख होगा,

सोहर: जुग जुग जियसु ललनवा (Sohar: Jug Jug Jiya Su Lalanwa Ke)

जुग जुग जियसु ललनवा,
भवनवा के भाग जागल हो,

प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए (Prem Ho to Shri Hari Ka Prem Hona Chahiye)

प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए
जो बने विषयों के प्रेमी उनको रोना चाहिए

शिवजी को काल भैरव क्यों कहते हैं

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी के तट पर भगवान शिव महाकाल के रूप में विराजमान हैं। बारह ज्योतिर्लिंगों में यह तीसरे स्थान पर आता है। उज्जैन में स्थित यह ज्योतिर्लिंग देश का एकमात्र शिवलिंग है जो दक्षिणमुखी है। मंदिर से कई प्राचीन परंपराएं जुड़ी हुई हैं।

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