उठ खड़ा हो लक्ष्मण भैया जी ना लगे (Uth Khada Ho Lakshman Bhayia Ji Na Lage)

उठ खड़ा हो लक्ष्मण भैया जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥


सुनले लक्ष्मण भैया रोएगी तेरी मैया,

मुखड़ा दिखलाऊंगा कैसे,

मुखड़ा दिखलाऊंगा कैसे,

जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥


सुन मेरे बजरंगी अब तू ही मेरा संगी,

ला कर दे संजीवन बूटी,

ला कर दे संजीवन बूटी,

जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥


संजीवन बूटी लाई लक्ष्मण को घोल पिलाई,

गले मिल गये दोनो भैया,

गले मिल गये दोनो भैया,

जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥


भक्त मंडल ने गाइ तेरी महिमा बर्नी ना जाये,

भव सागर मे नैया डोले,

भव सागर मे नैया डोले,

जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥


उठ खड़ा हो लक्ष्मण भैया जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥

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शिव शंकर तुम कैलाशपति (Shiv Shankar Tum Kailashpati)

शिव शंकर तुम कैलाशपति,
है शीश पे गंग विराज रही,

दर्श अमावस्या के खास उपाय

हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन खान-पान से जुड़े कुछ खास उपाय किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

माँ की लाल रे चुनरिया(Maa Ki Laal Re Chunariya)

माँ की लाल रे चुनरिया,
देखो लहर लहर लहराए,

शक्ति दे मां शक्ति दे मां (Shakti De Maa Shakti De Maa)

पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।
शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥

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