तेरे नाम की धुन लागी (Tere Naam Ki Dhun Lagi)

तेरे नाम की धुन लागी,

मन है तेरा मतवाला,

मैं तान हूँ मुरली की,

तू मोहन मुरली वाला ॥


तू ही मेरा स्वामी हैं,

तू ही है मेरा दाता,

भक्ति मेरा जीवन है,

भक्तो से तेरा नाता,

मैं तेरी शरण में हूँ,

तू हैं मेरा रखवाला,

मैं तान हूँ मुरली की,

तू मोहन मुरली वाला ॥


तुने मुझे भक्ति के,

सागर में डुबोया हैं,

टूटे हुए मोती को,

माला में पिरोया है,

मैं रूप हूँ मीरा का,

तू है मेरा गोपाला,

मैं तान हूँ मुरली की,

तू मोहन मुरली वाला ॥


तेरे नाम की धुन लागी,

मन है तेरा मतवाला,

मैं तान हूँ मुरली की,

तू मोहन मुरली वाला ॥

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दुर्गा अष्टमी क्यों मनाई जाती है

मासिक दुर्गा अष्टमी हर माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन जो भी साधक मां दुर्गा की पूरी श्रद्धा और लगन से व्रत करता है। मां उन सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

मेरा श्याम बड़ा अलबेला (Mera Shyam Bada Albela)

मेरा श्याम बड़ा अलबेला,
मेरी मटकी में मार गया ढेला,

शनि प्रदोष व्रत उपाय

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव और शनिदेव के आराधना के लिए समर्पित होता है। शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आने वाले इस व्रत में शिवलिंग की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

रामयुग: जय हनुमान - हर हर है हनुवीर का (Jai Hanuman From Ramyug)

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥

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