तेरी अंखिया हैं जादू भरी: भजन (Teri Akhiya Hai Jadu Bhari)

तेरी अंखिया हैं जादू भरी,

बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥


सुनलो मेरे श्याम सलोना,

तुमने ही मुझ पर,

कर दिया टोना,

मेरी अंखियाँ तुम्ही से लड़ी,

बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥


तेरी अंखिया हैं जादू भरी,

बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥


तुम सा ठाकुर और ना पाया,

तुमसे ही मैंने नेह लगाया,

मैं तो तेरे ही द्वार पड़ी,

बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥


तेरी अंखिया हैं जादू भरी,

बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥


कृपा करो हरिदास के स्वामी,

बांके बिहारी अन्तर्यामी,

मेरी टूटे ना तुमसे लड़ी,

बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥


तेरी अंखिया हैं जादू भरी,

बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥

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नंदी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले(Nandi Pe Bitha Ke Tu Ghuma De Bhole)

नंदी पे बिठा के तू,
घूमा दे भोले जोगिया,

जनवरी में कब है संकष्टी चतुर्थी

सनातन हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। बता दें कि साल की पहली संकष्टी चतुर्थी लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जानी जाती है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान गणेश जी और सकट माता की पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध है।

रंग पंचमी पर किसकी पूजा करें

रंग पंचमी भारत के विभिन्न हिस्सों में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। यह पर्व होली के ठीक पाँच दिन बाद आता है और इस दिन विशेष रूप से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है।

बालाजी के भक्तों सुनलो, बाबा का गुण गाया करो (Balaji Ke Bhakto Sun Lo Baba Ka Gun Gaya Karo)

बालाजी के भक्तों सुनलो,
बाबा का गुण गाया करो,

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