जय राधा माधव, जय कुन्ज बिहारी (Jai Radha Madhav, Jai Kunj Bihari)

जय राधा माधव,

जय कुन्ज बिहारी

जय राधा माधव,

जय कुन्ज बिहारी

जय गोपी जन बल्लभ,

जय गिरधर हरी

जय गोपी जन बल्लभ,

जय गिरधर हरी

॥ जय राधा माधव...॥


यशोदा नंदन, ब्रज जन रंजन

यशोदा नंदन, ब्रज जन रंजन

जमुना तीर बन चारि,

जय कुन्ज बिहारी

॥ जय राधा माधव...॥


मुरली मनोहर करुणा सागर

मुरली मनोहर करुणा सागर

जय गोवर्धन हरी,

जय कुन्ज बिहारी

॥ जय राधा माधव...॥


हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे

हरे रामा हरे रमा,

रामा रामा हरे हरे

हरे रामा हरे रमा,

रामा रामा हरे हरे


हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे

हरे कृष्णा हरे कृष्णा,

कृष्णा कृष्णा हरे हरे

हरे रामा हरे रमा,

रामा रामा हरे हरे

हरे रामा हरे रमा,

रामा रामा हरे हरे

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ऐसे मेरे मन में विराजिये - भजन (Aaise Mere Maan Main Virajiye)

ऐसे मेरे मन में विराजिये
ऐसे मेरे मन में विराजिये

गणेश जी की आरती व मंत्र

प्रत्येक महीने दो पक्ष होते हैं शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है, जबकि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी कहलाती है। मार्गशीर्ष महीने में मनाई जाने वाली विनायक चतुर्थी भगवान गणेश की कृपा पाने का उत्तम समय है।

मुझे कैसी फिकर सांवरे साथ तेरा है गर सांवरे (Mujhe Kaisi Fikar Saware Sath Tera Hai Gar Saware)

मुझे कैसी फिकर सांवरे,
साथ तेरा है गर सांवरे,

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई(Mere to Giridhar Gopal Dusro Na Koi)

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई

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