विंध्याचल की विंध्यवासिनी, नमन करो स्वीकार माँ (Vindhyachal Ki Vindhyavasini Naman Karo Swikar Maa)

विंध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

धुप नारियल फूल चढाने,
धुप नारियल फूल चढाने,
लाए तेरे दरबार माँ,
मैया लाए तेरे दरबार माँ,
विन्ध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

पान सुपारी ध्वजा नारियल,
पान सुपारी ध्वजा नारियल,
ले हो फूलन के हार माँ,
मैया ले हो फूलन के हार माँ,
विन्ध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

लाल चुनर माँ लाल ही चोला,
लाल चुनर माँ लाल ही चोला,
लाए तेरा श्रृंगार माँ,
मैया लाए तेरा श्रृंगार माँ,
विन्ध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

पांच भक्त माई जस तोरे गावे,
पांच भक्त माई जस तोरे गावे,
हो जा दयाल कृपाल माँ,
मैया हो जा दयाल कृपाल माँ,
विन्ध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

विंध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

........................................................................................................
मुखड़ा देख ले प्राणी, जरा दर्पण में (Mukhda Dekh Le Prani, Jara Darpan Main)

मुखड़ा देख ले प्राणी,
जरा दर्पण में हो,

इस व्रत से बढ़ता है पति-पत्नी का प्रेम

अनंग त्रयोदशी व्रत में भगवान शिव-पार्वती तथा कामदेव और रति का पूजन किया जाता है। यह दिन प्रेमी जोड़ों के लिए बहुत खास माना गया है। क्योंकि, इस दिन व्रत रखने से जीवन में प्रेम की प्रगाढ़ता बढ़ती है।

होली पर भगवान को कौन से गुलाल चढ़ाएं

होली रंगों का त्योहार है। इसलिए भगवान को रंग चढ़ाना और भी खास और शुभ होता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि किस भगवान को कौन सा रंग चढ़ाया जाता है और उसका क्या महत्व है।

शेयर बाजार निवेश पूजा विधि

भारतीय संस्कृति में परंपराओं और विश्वासों का विशेष महत्व है। इसी कारण, हिंदू धर्म में किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले पूजा करना शुभ माना जाता है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले भी लोग पूजा करते हैं, क्योंकि इसे सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।