विंध्याचल की विंध्यवासिनी, नमन करो स्वीकार माँ (Vindhyachal Ki Vindhyavasini Naman Karo Swikar Maa)

विंध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

धुप नारियल फूल चढाने,
धुप नारियल फूल चढाने,
लाए तेरे दरबार माँ,
मैया लाए तेरे दरबार माँ,
विन्ध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

पान सुपारी ध्वजा नारियल,
पान सुपारी ध्वजा नारियल,
ले हो फूलन के हार माँ,
मैया ले हो फूलन के हार माँ,
विन्ध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

लाल चुनर माँ लाल ही चोला,
लाल चुनर माँ लाल ही चोला,
लाए तेरा श्रृंगार माँ,
मैया लाए तेरा श्रृंगार माँ,
विन्ध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

पांच भक्त माई जस तोरे गावे,
पांच भक्त माई जस तोरे गावे,
हो जा दयाल कृपाल माँ,
मैया हो जा दयाल कृपाल माँ,
विन्ध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

विंध्याचल की विंध्यवासिनी,
नमन करो स्वीकार माँ,
मेरो नमन करो स्वीकार माँ ॥

........................................................................................................
हरे राम हरे रामा, जपते थे हनुमाना (Hare Ram Hare Rama Japte The Hanumana)

हरे राम हरे रामा,
जपते थे हनुमाना,

ये होगा साल का सबसे छोटा दिन

प्रत्येक साल में एक दिन सबसे छोटा होता है। दरअसल, इस दिन सूर्य धरती के दक्षिणी गोलार्ध में अपने चरम बिंदु पर होता है। ज्योतिष के अनुसार साल के सबसे छोटे दिन तक भगवान सूर्य धनु राशि में प्रवेश कर चुके होते हैं।

रानी सती आज मेरे घर आई(Rani Sati Aaj Mere Ghar Aayi)

रानी सती आज मेरे घर आई,
घर आई माँ घर आई,

मौनी अमावस्या के उपाय

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ का महीना 11वां होता है। इस माह में पड़ने वाले व्रत का विशेष महत्व होता है। इनमें मौनी अमावस्या भी शामिल है। माघ माघ की अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।