होली पर मां लक्ष्मी की पूजा विधि

Holi Puja: होली पर मां लक्ष्मी ऐसे होंगी प्रसन्न, करें ये खास उपाय, बरसेगा धन


होली का हर पल जीवन के लिए एक संदेश लेकर आता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और जीवन में कभी भी आर्थिक तंगी नहीं आती है। इस साल होली 14 मार्च को मनाई जा रही है। 14  मार्च को शुक्रवार है। शुक्रवार को देवी लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इस दिन वैभव लक्ष्मी व्रत भी रखा जाता है।


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार को मनाए जाने के कारण होली के त्योहार का महत्व और भी बढ़ गया है। अगर आप होली की रात मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करते हैं तो आपकी धन संबंधी सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं।



तांत्रिक और सिद्ध साधनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण


शास्त्रों में कहा गया है कि फाल्गुन पूर्णिमा, यानी होली की रात तांत्रिक और सिद्ध साधनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना बेहद आसान होता है, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का समय होता है। मान्यता है कि होली की रात यदि मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाए, तो साल भर घर में धन की बरकत बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां भी दूर हो जाती हैं।


होली के दिन गुलाबी कमल के फूल पर बैठी हुई देवी लक्ष्मी की तस्वीर लाएं। देवी को सफेद फूल और गुलाब का इत्र चढ़ाएं। इसके बाद देवी से व्यापार में लाभ के लिए प्रार्थना करें। इस तस्वीर को शुक्रवार के दिन अपने कार्यस्थल पर रखें। आपके व्यापार में लाभ होगा।



इस मंत्र का जाप करें


मान्यता है कि दिवाली के दिन विशेष पूजा करने से धन की प्राप्ति होती है, लेकिन आपको बता दें कि होली के दिन एक खास मंत्र का जाप करने से भी आप मालामाल हो सकते हैं। होली की रात को एक स्फटिक की माला लें। उस माला को गुलाब जल से धो लें।


 इसके बाद उस माला से 108 बार “ऊं श्रीं श्रीये नम:” का जाप करें। शुक्रवार की रात को इस माला को अपने गले में धारण करें। आपको कभी भी धन की कमी नहीं होगी।



........................................................................................................
भगवान इंद्र की पूजा विधि

सनातन धर्म में इंद्रदेव को देवों के राजा और आकाश, वर्षा, बिजली और युद्ध के देवता के रूप में पूजा जाता है। इंद्रदेव के आशीर्वाद से पृथ्वी पर वर्षा होती है, जो कृषि और जीवन के लिए आवश्यक है।

Shri Batuk Bhairav Chalisa (श्री बटुक भैरव चालीसा)

श्री गणपति, गुरु गौरि पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
चालीसा वन्दन करों, श्री शिव भैरवनाथ ॥

मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे(Mithe Ras Se Bharyo Ri Radha Rani Lage)

मीठे रस से भरीयो री,
राधा रानी लागे।

जन मानस में गुंज रहा है, जय श्री राम (Jan Manas Mein Goonj Raha Hai Jai Shri Ram)

जन मानस में गूंज रहा है,
जय श्री राम जय श्री राम,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने