होली पर सभी राशियों के करने वाले विशेष उपाय

Holi Rashi Upay: सभी राशियां करें होली पर ये उपाय, मिलेगा समस्याओं से छुटकारा


होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है, जिसके 8 दिन पहले होलाष्टक तिथि रहती है। आध्यात्मिक ग्रंथों के अनुसार इस समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा बहुत अधिक होती है तथा ग्रह अपने स्थान बदलते हैं। इसलिए शांति और समृद्धि के लिए कुछ उपाय करना बहुत जरूरी हो जाता है।



सभी राशियों के उपाय


होली के दिन सभी राशियों के लोगों को ये उपाय करने से उनका ग्रह दोष शांत होता है, और परेशानियों से छुटकारा भी मिलता है। आइए जानते हैं उन उपायों को:


  • मेष और वृश्चिक राशि: इन दोनों राशियों को विशेष रूप से मैरून और नारंगी रंग से खेलना चाहिए।
  • वृषभ और तुला राशि: इन दोनों राशियों के लोगों को होली के दिन सलेटी, सफेद या हल्का आसमानी रंग का कपड़ा पहनना चाहिए।
  • मिथुन राशि: मिथुन राशि के लोगों को होलिका दहन की सात बार परिक्रमा करनी चाहिए।
  • कर्क राशि: कर्क राशि के लोगों को होली के दिन चावल, दूध और सफेद फूल दान करना चाहिए।
  • सिंह राशि: इस राशि के लोगों को होली के दिन केसर का तिलक लगाना चाहिए।
  • कन्या राशि: इस राशि के लोगों को होली के दिन तांबे के बर्तन, शहद और हरे फल गरीबों में दान करना चाहिए।
  • धनु और मीन राशि: इन राशियों के लोगों को होली के दिन पीले, नारंगी और समुद्री रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
  • मकर राशि: इस राशि के लोगों को नीले रंग से होली खेलनी चाहिए। यह उनके लिए बहुत शुभ माना जाता है।
  • कुंभ राशि: इस राशि के लोगों को नीले रंग का कपड़ा होली के दिन पहनना चाहिए जो उनके लिए बहुत शुभ होता है।



इन बातों का भी रखें खास ध्यान


होली का त्योहार बहुत ही पावन होता है, और ग्रहों की दशा बहुत ही शीघ्रता से बदलती रहती है, इसलिए भूल कर भी ये कार्य नहीं करना चाहिए:


  • होलिका दहन के दिन मदिरापान और मांसाहारी भोजन नहीं खाना चाहिए।
  • होलिका दहन के दिन किसी से भी उधार नहीं लेना चाहिए और न ही उधार देना चाहिए।
  • होलिका दहन के दिन भूल कर किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और न ही किसी के घर भोजन करना चाहिए।
  • होली के दिन विशेष तौर पर राधा कृष्ण की पूजा करनी चाहिए।

........................................................................................................
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला(Gajanan Ganesha Hai Gaura Ke Lala)

गजानन गणेशा है गौरा के लाला,
दयावन्त एकदन्त स्वामी कृपाला ॥

राम नाम को जपता, सुबहो शाम है (Ram Naam Ko Japta Subaho Shaam Hai)

राम नाम को जपता,
सुबहो शाम है,

तेरी अंखिया हैं जादू भरी: भजन (Teri Akhiya Hai Jadu Bhari)

तेरी अंखिया हैं जादू भरी,
बिहारी मैं तो कब से खड़ी ॥

कीर्तन रचो है म्हारे आंगने(Kirtan Racho Hai Mhare Angane)

कीर्तन रचो है म्हारे आंगने,
आओ-आओ गौरा जी रा लाल,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।