जयकारा, मेरे केदारेश्वराय जय कारा (JaiKara Mere Kedareshwaray Jai Kara)

संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्,

सदावसन्तं हृदयारविन्दे,

भवं भवानीसहितं नमामि ॥


जयकारा बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय तेरा जयकारा,

जयकारा बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय तेरा जयकारा ॥


जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

बोलो जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा ॥


आरती की जय, मेरे भोलेनाथ की,

मेरे भोलेनाथ की, मेरे शंभुनाथ की,

चुन-चुन कलियों से मैं हार बनाऊँ,

हार अपने भोलेनाथ को मैं पहनाऊँ,

अखंड ज्योति भोले तेरे क़दमों में चढ़ाऊँ,

क़दमों में चढ़ाके तेरी आरती मैं गाऊँ,

आजाओ भोले आजाओ,

हमें दर्शन देके चाहे चले जाओ,

आजाओ भोले आजाओ,

हमें दर्शन देके चाहे चले जाओ,

जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

बोलो जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा ॥


जयकारा जयकारा, बोलो जयकारा,

भोलेनाथ का बोलो, जयकारा,

जयकारा जयकारा, बोलो जयकारा,

भोलेनाथ का बोलो, जयकारा ॥


एकानन चतुरानन पंचनान राजे,

हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे,

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे,

सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे,

काल भी उसका क्या बिगाड़े महाकाल,

काल भी उसका क्या बिगाड़े महाकाल,

जिसके सर पे तेरा हाथ रहे सर्वदा,

जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

बोलो जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा ॥

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बिसर गई सब तात पराई (Bisar Gai Sab Taat Paraai)

बिसर गई सब तात पराई,
जब ते साध संगत मोहे पाई,

गुरुवायुर एकादशी मंदिर की पौराणिक कथा

"दक्षिण का स्वर्ग" कहे जाने वाले अतिसुन्दर राज्य केरल में गुरुवायुर एकादशी का पर्व पूरी आस्था के साथ मनाया जाता है। यह पर्व गुरुवायुर कृष्ण मंदिर में विशेष रूप से मनाया जाता है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।

राम नाम के साबुन से जो(Ram Naam Ke Sabun Se Jo)

राम नाम के साबुन से जो,
मन का मेल भगाएगा,

महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की कृपा से मिलेगा मनचाहा दूल्हा

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