जयकारा, मेरे केदारेश्वराय जय कारा (JaiKara Mere Kedareshwaray Jai Kara)

संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्,

सदावसन्तं हृदयारविन्दे,

भवं भवानीसहितं नमामि ॥


जयकारा बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय तेरा जयकारा,

जयकारा बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय तेरा जयकारा ॥


जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

बोलो जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा ॥


आरती की जय, मेरे भोलेनाथ की,

मेरे भोलेनाथ की, मेरे शंभुनाथ की,

चुन-चुन कलियों से मैं हार बनाऊँ,

हार अपने भोलेनाथ को मैं पहनाऊँ,

अखंड ज्योति भोले तेरे क़दमों में चढ़ाऊँ,

क़दमों में चढ़ाके तेरी आरती मैं गाऊँ,

आजाओ भोले आजाओ,

हमें दर्शन देके चाहे चले जाओ,

आजाओ भोले आजाओ,

हमें दर्शन देके चाहे चले जाओ,

जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

बोलो जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा ॥


जयकारा जयकारा, बोलो जयकारा,

भोलेनाथ का बोलो, जयकारा,

जयकारा जयकारा, बोलो जयकारा,

भोलेनाथ का बोलो, जयकारा ॥


एकानन चतुरानन पंचनान राजे,

हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे,

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे,

सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे,

काल भी उसका क्या बिगाड़े महाकाल,

काल भी उसका क्या बिगाड़े महाकाल,

जिसके सर पे तेरा हाथ रहे सर्वदा,

जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

बोलो जयकारा, बोलो जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा,

मेरे केदारेश्वराय, तेरा जयकारा ॥

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घर आये राम लखन और सीता(Ghar Aaye Ram Lakhan Aur Sita)

घर आये राम लखन और सीता,
अयोध्या सुन्दर सज गई रे,

बड़ा है दयालु भोले नाथ डमरू वाला (Bada Hai Dayalu Bhole Nath Damaru Wala)

बड़ा है दयालु भोले नाथ डमरू वाला,
जिनके गले में विषधर काला,

कुंभ संक्रांति के दिन दान

हिंदू धर्म में, सूर्य देव के राशि परिवर्तन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य जब दूसरे राशि में प्रवेश करते हैं, तब इसे संक्रांति कहा जाता है। दरअसल, सूर्य जिस राशि में प्रवेश कर सकते हैं, उस दिन को उसी राशि के संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

सुन राधिका दुलारी में (Sun Radhika Dulari Main)

सुन राधिका दुलारी में,
हूँ द्वार का भिखारी,

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