झोली भर लो भक्तो, दौलत बरसे भोले के दरबार (Jholi Bharlo Bhakto Daulat Barse Bhole Ke Darbar)

झोली भर लो भक्तो,

दौलत बरसे भोले के दरबार,

झोली भर ल्यो जी,

दातारि का क्या कहना है,

दातारि का क्या कहना,

सरकारों की सरकार,

झोली भर ल्यो जी,

झोली भर लो भक्तों,

दौलत बरसे भोले के दरबार,

झोली भर ल्यो जी ॥


रंग रंगीला महीना देखो,

सावन भोले बाबा का,

जैसे सावन बरसे वैसे,

बरसा दे भंडार,

झोली भर ल्यो जी,

झोली भर लो भक्तों,

दौलत बरसे भोले के दरबार,

झोली भर ल्यो जी ॥


देते देते ये ना हारे,

तू लेते थक जाएगा,

भर भर मुट्ठी खूब लुटाए,

ऐसा है दातार,

झोली भर ल्यो जी,

झोली भर लो भक्तों,

दौलत बरसे भोले के दरबार,

झोली भर ल्यो जी ॥


‘बनवारी’ शिव के भक्तो का,

देखा ठाठ निराला जी,

बारह महीना मने दिवाली,

मौज करे परिवार,

झोली भर ल्यो जी,

झोली भर लो भक्तों,

दौलत बरसे भोले के दरबार,

झोली भर ल्यो जी ॥


झोली भर लो भक्तो,

दौलत बरसे भोले के दरबार,

झोली भर ल्यो जी,

दातारि का क्या कहना है,

दातारि का क्या कहना,

सरकारों की सरकार,

झोली भर ल्यो जी,

झोली भर लो भक्तों,

दौलत बरसे भोले के दरबार,

झोली भर ल्यो जी ॥

........................................................................................................
हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है (Hanuman Teri Kirpa Ka Bhandara Chal Raha Hai)

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है,
हर और घना अँधेरा मेरा दीप जल रहा है,

सूर्यदेव को रथ सप्तमी पर क्या चढ़ाएं

रथ-सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि अगर सूर्यदेव की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ किया जाए तो व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य के साथ मान-सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।

ओ पवन पुत्र हनुमान (Oh Pawan Putra Hanuman)

पवन तनय संकट हरण,
मंगल मूर्ति रूप,

तेरो लाल यशोदा छल गयो री(Tero Laal Yashoda Chhal Gayo Ri)

तेरो लाल यशोदा छल गयो री,
मेरो माखन चुराकर बदल गयो री ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने