हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है (Hanuman Teri Kirpa Ka Bhandara Chal Raha Hai)

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है,

हर और घना अँधेरा मेरा दीप जल रहा है,

कोई रहा ना बेबस ना कोई अभागा,

तूने दिया भगत को किस्मतो से ज़्यादा ॥


सुध बुध खोई मैंने मन हनुमान से जोड़ा,

अब काहे मैं सोचूं क्या पाया क्या छोड़ा ॥


सूखे में सावन सा तू कश्ती तूफानों की,

गिनती ना हो पाए तेरे एहसानो की,

भक्तों ने जब भी पुकारा तू आया दौड़ा दौड़ा,

क्या पाया क्या छोड़ा ॥


जो भी हनुमान को पूजे और चाहे सच्चे मन से,

कोसो दूर है रहता दुःख उसके जीवन से,

सबने दुःख में छोड़ा पर तूने मुख ना मोड़ा,

क्या पाया क्या छोड़ा ॥


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दुःख की बदली, जब जब मुझ पे छा गई(Dukh Ki Badli Jab Jab Mujhpe Cha Gayi )

दुःख की बदली,
जब जब मुझ पे छा गई,

मेरी ज़िन्दगी सवर जाए (Meri Zindagi Sanwar Jaye)

मेरी ज़िन्दगी सवर जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ,

श्री झूलेलाल चालीसा (Shri Jhulelal Chalisa)

जय जय जल देवता,जय ज्योति स्वरूप ।
अमर उडेरो लाल जय,झुलेलाल अनूप ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी (Darshan Do Ghansyam Nath Mori Akhiyan Pyasi Re)

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी,
अँखियाँ प्यासी रे ।

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