तुम्हारी जय हो वीर हनुमान(Tumhari Jai Ho Veer Hanuman Bhajan)

तुम्हारी जय हो वीर हनुमान,

ओ रामदूत मतवाले हो बड़े दिल वाले,

जगत में ऊंची तुम्हारी शान,

तुम्हारी जय हो वीर हनुमान ।


भूख लगी तो समझ के फल,

सूरज को मुख में डाला,

अन्धकार फैला सृष्टि में,

हाहाकार विकराला,

आन करि विनती देवो ने,

विपदा को किया निवार,

तुम्हारी जय हो वीर हनुमान ।


सोने की लंका को जला कर,

राख का ढेर बनाया,

तहस-नहस बगियन कर दी,

अक्षय को मार गिराया,

लाये संजीवन बूटी,

बचाई भाई लखन की जान,

तुम्हारी जय हो वीर हनुमान ।


रोम रोम में राम रमे बस,

राम भजन ही भाये,

सरल तुम्हारा भजन करे जो,

संकट उस के मिटाये,

तेल सिंधुर चढ़ाये जो,

लखा दिया अबे का दान,

तुम्हारी जय हो वीर हनुमान ।


तुम्हारी जय हो वीर हनुमान,

ओ रामदूत मतवाले हो बड़े दिल वाले,

जगत में ऊंची तुम्हारी शान,

तुम्हारी जय हो वीर हनुमान ।

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झूला पड्यो है कदम्ब की डार (Jhula Padyo Hai Kadamb Ki Daar)

झूला पड्यो है कदम्ब की डार,
झुलावे ब्रज नारी,

श्री गणपत्यथर्वशीर्षम् स्तोत्रम्

ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयामदेवाः भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः।
स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवाꣳ सस्तनूभिःव्यशेम देवहितं यदायुः॥

प्राण त्यागने से पहले भीष्म ने क्या कहा था?

सनातन धर्म में भीष्म अष्टमी का दिन अत्यंत शुभ माना गया है। यह महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, जिसमें अनेक शिक्षाएं निहित हैं। महाप्रतापी योद्धा भीष्म पितामह को इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त था, जिसके कारण वे अपनी इच्छा से प्राण त्याग सकते थे।

राम नाम को जपता, सुबहो शाम है (Ram Naam Ko Japta Subaho Shaam Hai)

राम नाम को जपता,
सुबहो शाम है,

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