राम तुम बड़े दयालु हो (Ram Tum Bade Dayalu Ho)

राम तुम बड़े दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


और ना कोई हमारा है,

मुझे इक तेरा सहारा है,

नईया डोल रही मेरी,

हरी जी तुम करो ना अब देरी ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


तेरा यश गाया वेदों ने,

पार नहीं पाया वेदों ने,

नेती नेती गाया वेदों ने ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


भले हैं बुरे हैं तेरे हैं,

तेरी माया के घेरे हैं,

फिर भी हम बालक तेरे हैं ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


सहारा भक्तों के हो आप,

मिटाते हो सब के संताप,

करें जो भक्ति भाव से जाप ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


तुम्हारा नाम मिले भगवन,

सुबह और शाम मिले भगवन,

भक्ति का दान मिले भगवन ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


राम तुम बड़े दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


श्री राम, जय राम, जय जय राम ।

श्री राम, जय राम, जय जय राम ।

श्री राम, जय राम, जय जय राम ।

श्री राम, जय राम, जय जय राम ।


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तूने जीना सिखाया भोलेनाथ जी (Tune Jeena Sikhaya Bholenath Ji)

तुम्हे दिल में बसाया,
तुम्हे अपना बनाया,

गोरा रानी ने जपी ऐसी माला (Gaura Rani Ne Japi Aisi Mala)

गौरा रानी ने जपी ऐसी माला,
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आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी (aashaadh krishn paksh ki yogini ekaadashi)

युधिष्ठिर ने कहा कि हे श्री मधुसूदन जी ! ज्येष्ठ शुक्ल की निर्जला एकादशी का माहात्म्य तो मैं सुन चुका अब आगे आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का क्या नाम है और क्या माहात्म्य है कृपाकर उसको कहने की दया करिये।

अंजनी के लाला, एक बार मिला दे मोहे राम से: भजन (Anjani Ke Lala Ek Baar Mila De Mohe Ram Se)

अंजनी के लाला,
एक बार मिला दे मोहे राम से ॥

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