श्री राम धुन में मन तू (Sri Ram Dhun Mein Mann Tu)

श्री राम धुन में मन तू,

जब तक मगन ना होगा,

भव जाल छूटने का,

तब तक जतन ना होगा ॥


व्यापार धन कमाकर,

तू लाख साज सजले,

होगा सुखी ना तब तक,

होगा सुखी ना तब तक,

संतोष धन ना होगा ॥


श्री राम धुन मे मन तू,

जब तक मगन ना होगा,

भव जाल छूटने का,

तब तक जतन ना होगा ॥


तप यज्ञ होम पूजा,

व्रत और नैम कर ले,

सब व्यर्थ है जो मुख से,

सब व्यर्थ है जो मुख से,

हरी का भजन ना होगा ॥


श्री राम धुन मे मन तू,

जब तक मगन ना होगा,

भव जाल छूटने का,

तब तक जतन ना होगा ॥


संसार की घटा से,

क्या प्यास बुझ सकेगी,

प्यासे ह्रदय को जब तक,

प्यासे ह्रदय को जब तक,

तेरा ना धन मिलेगा ॥


श्री राम धुन मे मन तू,

जब तक मगन ना होगा,

भव जाल छूटने का,

तब तक जतन ना होगा ॥


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हे वीणा वादिनी सरस्वती, हंस वाहिनी(Hey Veena Vadini Saraswati Bhajan)

हे वीणा वादिनी सरस्वती
हंस वाहिनी सरस्वती

तेरी जय हो गणेश(Teri Jai Ho Ganesh)

प्रथमे गौरा जी को वंदना,
द्वितीये आदि गणेश,

जय जय गौरी ललन (Jai Jai Gouri Lalan )

जय जय गौरी ललन,
जय जय हो गजवदन,

एकादशी व्रत फरवरी 2025

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इस दिन भगवान विष्णु संग मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

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