हे वीणा वादिनी सरस्वती, हंस वाहिनी(Hey Veena Vadini Saraswati Bhajan)

हे वीणा वादिनी सरस्वती

हंस वाहिनी सरस्वती

विद्या दायिनी सरस्वती

नारायणी नमोस्तुते ॥


हे वीणा वादिनी सरस्वती

हंस वाहिनी सरस्वती

विद्या दायिनी सरस्वती

नारायणी नमोस्तुते ॥


तू राह दिखाना मात मेरी

साथ निभाना मात मेरी

अँधियारा है अंतर मन

ज्योत जलना मात मेरी ..x2


हे वीणा वादिनी सरस्वती

हंस वाहिनी सरस्वती

विद्या दायिनी सरस्वती

नारायणी नमोस्तुते ॥ ..x2


मन में करुणा भर देती

निष्पाप ह्रदय तू कर देती

भक्ति से तुझे पूजे जो

सुबह आस तू मन में भर देती ..x2


हे वीणा वादिनी सरस्वती

हंस वाहिनी सरस्वती

विद्या दायिनी सरस्वती

नारायणी नमोस्तुते ॥


हे वीणा वादिनी सरस्वती

हंस वाहिनी सरस्वती

विद्या दायिनी सरस्वती

नारायणी नमोस्तुते ॥


........................................................................................................
शेरोवाली के दरबार में रंग बरसे (Sherawali Ke Darbar Mein Rang Barse)

रंग बरसे देखो रंग बरसे,
रंग बरसे देखो रंग बरसे,

जब निर्वस्त्र होकर नहा रहीं गोपियों को नटखट कन्हैया ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ

भगवान विष्णु ने रामावतार लेकर जगत को मर्यादा सिखाई और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। वहीं कृष्णावतार में भगवान ने ज्यादातर मौकों पर मर्यादा के विरुद्ध जाकर अपने अधिकारों की रक्षा और सच को सच कहने साहस हम सभी को दिखाया।

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में (Aayi Mahadevi Avtar, Bhawani More Angna Main)

आयी महादेवी अवतार,
भवानी मोरे अंगना में ॥

कांच ही बांस के बहंगिया (Kaanch Hi Baans Ke Bahangiya)

कांच ही बांस के बहंगिया,
बहंगी लचकति जाए।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।