Gurudev Daya Karke Mujhko Apna Lena (गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना)

मैं शरण पड़ा तेरी चरणों में जगह देना,

गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना ।


करूणानिधि नाम तेरा,

करुन दिखलाओ तुम,

सोये हुए भाग्यो को,

हे नाथ जगाओ तुम ।

मेरी नाव भवर डोले,

इसे पार लगा देना,

गुरुदेव दया करके,

मुझको अपना लेना ॥


जय गुरुदेवा, जय गुरुदेवा ।

जय गुरुदेवा, जय गुरुदेवा ॥


तुम सुख के सागर हो,

निर्धन के सहारे हो,

इस तन में समाये हो,

मुझे प्राणों से प्यारे हो ।

नित्त माला जपूँ तेरी,

नहीं दिल से भुला देना,

गुरुदेव दया करके,

मुझको अपना लेना ॥


पापी हूँ या कपटी हूँ,

जैसा भी हूँ तेरा हूँ,

घर बार छोड़ कर,

मैं जीवन से खेला हूँ ।

दुःख का मार हूँ मैं,

मेरा दुखड़ा मिटा देना,

गुरुदेव दया करके,

मुझको अपना लेना ॥


मैं सब का सेवक हूँ,

तेरे चरणों का चेरा हूँ,

नहीं नाथ भुलाना मुझे,

इसे जग में अकेला हूँ ।

तेरे दर का भिखारी हूँ,

मेरे दोष मिटा देना,

गुरुदेव दया करके,

मुझको अपना लेना ॥


इन चरनन की पाऊं सेवा,

जय गुरुदेवा, जय गुरुदेवा ।

........................................................................................................
अथ दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला (Ath Durgadwatrishanmala)

श्री दुर्गा द्वात्रिंशत नाम माला" देवी दुर्गा को समर्पित बत्तीस नामों की एक माला है। यह बहुत ही प्रभावशाली स्तुति है। मनुष्य सदा किसी न किसी भय के अधीन रहता है।

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि

सनातन धर्म में गुरु ही हमें सही और गलत की समझ देते हैं और अच्छे-बुरे का अंतर सिखाते हैं। गुरुओं की महत्ता हमारी संस्कृति में सदियों से रही है। यहां तक कि गुरु को भगवान से भी ऊँचा दर्जा प्राप्त है।

माँ देख तेरा श्रृंगार, करे दिल नाचण का(Ma Dekh Tera Shringar Kare Dil Nachan Ka)

माँ देख तेरा श्रृंगार,
करे दिल नाचण का,

मैं थाने सिवरू गजानन देवा - भजन (Main Thane Sivaru Gajanan Deva)

मैं थाने सिवरू गजानन देवा,
वचनों रा पालनहारा जी ओ ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने