म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश(Mhane Jambhoji Diyo Upadesh)

म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश,

भाग म्हारो जागियो ॥


मरूधर देश समराथल भूमि,

गुरूजी दियो उपदेश ।

पीपासर में प्रकट भया,

आय सुधारयो बागड देश ॥ १ ॥


म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश,

भाग म्हारो जागियो ॥


बीदे ने विराट दिखायो पुल्हे जी ने पाताल ।

उन्नतीस नियम सुणाय गुरूजी पायो म्हाने अमृत पाहल ॥ २ ॥


सांगा राणा और नरेषां,

परच्यो महमद खान ।

लोदी सिकन्दर ऐसो परच्यो,

पढणी छोड दी कुरान ॥ ३ ॥


म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश,

भाग म्हारो जागियो ॥


चिम्पी चोलो उणरे तन रो पडियो जांगलु मांय ।

चिम्पी चोले रा दरसण करस्यां न्हावाला बरसिंगाली जाय ॥ ४ ॥


म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश,

भाग म्हारो जागियो ॥


मोखराम बंगांली वालो,

हरिचरणा लवलीन ।

दास जाण म्हापे किरपा कीज्यो,

भक्ति में होऊ प्रवीण ॥ ५ ॥


म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश,

भाग म्हारो जागियो ॥

........................................................................................................
लाल लाल चुनरी की अजब कहानी (Lal Lal Chunari Ki Ajab Kahani)

लाल लाल चुनरी की अजब कहानी,
ओढ़ के आई मेरी अंबे भवानी,

ऐ मालिक तेरे बंदे हम (Aye Malik Tere Bande Hum)

ऐ मालिक तेरे बंदे हम,
ऐसे हो हमारे करम

धरा पर अँधेरा बहुत छा रहा है (Dhara Par Andhera Bahut Chha Raha Hai)

धरा पर अँधेरा बहुत छा रहा है।
दिये से दिये को जलाना पड़ेगा॥

शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा (Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने