कभी तो मेरे घर आना, मोरी शारदा भवानी (Kabhi To Mere Ghar Aana Mori Sharda Bhawani)

कभी तो मेरे घर आना,

मोरी शारदा भवानी,

शारदा भवानी, शारदा भवानी,

कभी तो मेरें घर आना,

मोरी शारदा भवानी ॥


मैया के पाँवन में पैंजन बंधाऊँगी,

मैया के पाँवन में पैंजन बंधाऊँगी,

पैंजन बंधाऊँगी, घुंगरू बंधाऊँगी,

छम छम नाच दिखाना,

मोरी शारदा भवानी,

कभी तो मेरें घर आना,

मोरी शारदा भवानी ॥


मैया के माथे पे बिंदिया सजाऊंगी,

मैया के माथे पे बिंदिया सजाऊंगी,

हिरा जड़े चमकाना,

मोरी शारदा भवानी,

कभी तो मेरें घर आना,

मोरी शारदा भवानी ॥


मैया के द्वारे ‘शिवरंजनी’ है आई,

मैया के द्वारे ‘शिवरंजनी’ है आई,

‘शिवरंजनी’ आई, जगराता गाई,

भक्तो संग ठुमका लगाना,

मोरी शारदा भवानी,

कभी तो मेरें घर आना,

मोरी शारदा भवानी ॥


कभी तो मेरे घर आना,

मोरी शारदा भवानी,

शारदा भवानी, शारदा भवानी,

कभी तो मेरें घर आना,

मोरी शारदा भवानी ॥

........................................................................................................
मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ (Main Do-Do Maa Ka Beta Hun)

मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ,
दोनों मैया बड़ी प्यारी है ।

भीष्म अष्टमी की कथा-महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत के युद्ध में गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी भीष्म पितामह ने अपने इच्छामृत्यु के वरदान के कारण तत्काल देह त्याग नहीं किया।

बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा (Banke Bihari Re Door Karo Dukh Mera)

बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा,
दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,

है पावन शिव का धाम हरिद्वार (Hai Pawan Shiv Ka Dham Haridwar)

कल कल कल जहाँ निर्मल बहती,
माँ गंगा की धार,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने