बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा (Banke Bihari Re Door Karo Dukh Mera)

बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा,

दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


सुना है जो तेरे दर पे आए,

उसके सब दुखड़े मिट जाए,

आया शरण तिहारी रे,

आया शरण तिहारी रे,

अब दूर करो दुख मेरा,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


जनम जनम का मैं हूँ भटका ,

बेड़ा आज भवर में अटका,

पार करो बनवारी रे,

अब दूर करो दुख मेरा,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


शबरी अहिल्या गणिका नारी,

सब ही तुमने पार उतारी,

आयी मेरी बारी रे,

अब दूर करो दुख मेरा,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


मोर मुकुट पीताम्बर धारी,

संग में हो श्री राधा प्यारी,

मेरे गिरवर धारी रे,

अब दूर करो दुख मेरा,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥


बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा,

दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,

श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥

........................................................................................................
उलझ मत दिल बहारो में (Ulajh Mat Dil Baharo Men)

उलझ मत दिल बहारो में,
बहारो का भरोसा क्या,

Hamare Do Hi Rishtedar (हमारे दो ही रिश्तेदार)

हमारे दो ही रिश्तेदार,
एक हमारी राधा रानी,

बजरंगी सरकार, द्वार तेरे आए (Bajrangi Sarkar, Dwar Tere Aaye)

बजरंगी सरकार,
द्वार तेरे आए,

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी (Darshan Do Ghansyam Nath Mori Akhiyan Pyasi Re)

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी,
अँखियाँ प्यासी रे ।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने