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अब किसी महफिल में जाने (Ab Kisi Mehfil Me )

अब किसी महफिल में जाने,

की हमें फुर्सत नहीं,

दुनिया वालो को मनाने,

की हमें फुर्सत नहीं ॥


एक दिल है जिसमे मेरा,

बस गया है सांवरा,

अब कही दिल को लगाने,

की हमें फुर्सत नहीं ।


​अब किसी महफिल मे जाने,

की हमें फुर्सत नहीं,

दुनिया वालो को मनाने,

की हमें फुर्सत नहीं ॥


ये जो आंखे है हमारी,

मिल गयी है श्याम से,

अब कही आँखे मिलाने,

की हमें फुर्सत नहीं ।


​अब किसी महफिल मे जाने,

की हमें फुर्सत नहीं,

दुनिया वालो को मनाने,

की हमें फुर्सत नहीं ॥


एक सर है झुक गया जो,

आपके दरबार में,

अब कही सर को झुकाने,

की हमें फुर्सत नहीं ।


​अब किसी महफिल मे जाने,

की हमें फुर्सत नहीं,

दुनिया वालो को मनाने,

की हमें फुर्सत नहीं ॥

BhaktiBharat Lyrics


​अब किसी महफ़िल में जाने,

की हमें फुर्सत नहीं,

दुनिया वालो को मनाने,

की हमें फुर्सत नहीं ॥

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे(Tere Bina Shyam Hamara Nahi Koi Re)

तेरे बिना श्याम,
हमारा नहीं कोई रे,

मैं हूँ शरण में तेरी संसार के रचैया: भजन (Main Hun Sharan Me Teri)

मैं हूँ शरण में तेरी,
संसार के रचैया,

खाटू का राजा मेहर करो(Khatu Ka Raja Mehar Karo)

थासु विनती कराहाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,

सूर्य प्रार्थना

प्रातः स्मरामि खलु तत्सवितुर्वरेण्यं रूपं हि मंडलमृचोऽथ तनुर्यजूंषि।
सामानि यस्य किरणाः प्रभवादिहेतुं ब्रह्माहरात्मकमलक्ष्यमचिन्त्यरूपम् ॥

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