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आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..: भजन (Ajaa Nand Ke Dulare)

आजाआ... ओओओ...

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..

रोवे अकेली मीरा..आ..

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..

रोवे अकेली मीरा..आ..


बालक सी न ब्याह करवाया

तेरे संग ब्याही हो..हो..

पिहर छोड़ सासरे आगी

लदी कुल क शाही हो..हो.. ॥

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..॥


रोम रोम मे रम होया से..

नही रोम टेन न्यारा हो

दुष्टों का संघार किया

बन्यां भक्तो का तू प्यारा हो.. ॥

रोम रोम मे रम होया से.. ॥


जंग जोवे अकेली मीरा..आ.. ॥

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.. ॥


आदम देह के चोले संग

दूत रहें सयम हो.. हो..

सतरंग सेज बिछा रखी से

लगे गाळीचे गम के हो..हो.. ॥

आदम देह के चोले संग ॥


सोवे अकेली मीरा..आ.. ॥

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.. ॥


माँगेराम राम ने टोहेवे

कोन्यों पाया दर पे हो..हो..

लख़मिचंद सुरग मे जालिये

फेर भी बोझा सिर पे हो..हो..॥

माँगेराम राम ने टोहेवे ॥


ढोवे अकेली मीरा..आ.. ॥

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो.. ॥


आजाआ... ओओओ...

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..

रोवे अकेली मीरा..आ..

आजा.. नंद के दुलारे हो..हो..

रोवे अकेली मीरा..आ..


क्यों मनाई जाती है गीता जयंती?

सनातन धर्म में एकादशी व्रत को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। मार्गशीर्ष माह में मोक्षदा एकादशी मनाई जाती है। इसी दिन गीता जयंती का पर्व भी मनाया जाता है।

सखी री दो कुंवर सुंदर, मनोहर आज आये है (Sakhi Ri Do Kunwar Sundar Manohar Aaj Aaye Hain)

सखी री दो कुंवर सुंदर,
मनोहर आज आये है,

बिन पानी के नाव (Bin Pani Ke Naav)

बिन पानी के नाव खे रही है,
माँ नसीब से ज्यादा दे रही है ॥

विनायक चतुर्थी पूजा विधि

मार्गशीर्ष मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का व्रत विधि- विधान से करने पर भगवान गणेश, रिद्धि-सिद्धि और विद्या का वरदान देते हैं। विनायक चतुर्थी का व्रत 5 दिसंबर को किया जाएगा। इस दिन भगवान गणेश के 12 नामों का जाप करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।

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