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बड़े मान से जमाना, माँ तुमको पूजता है (Bade Maan Se Zamana Maa Tujhe Pujata Hai)

श्लोक:


जयंती मंगला काली,

भद्र काली कपालिनी,

दुर्गा क्षमा शिवाधात्री,

स्वाहा स्वधा नमोस्तुते ।


बड़े मान से जमाना,

माँ तुमको पूजता है,

तेरे नाम का तराना,

त्रिभुवन में गूंजता है ।

बड़े मान से जमाना,

माँ तुमको पूजता है ॥




होती दया की जिसपे नजर,

दुनिया में होता वो बेखबर,

चरणों में वो दीवाना,

चौखट को चूमता है ।

बड़े मान से जमाना,

माँ तुमको पूजता है ॥


भक्तो को देती वरदान है,

पुरे करे सब अरमान है,

रुतबा बड़ा सुहाना,

हर्षय में घूमता है ।

बड़े मान से जमाना,

माँ तुमको पूजता है ॥




पापी ह्रदय को निर्मल करो,

भक्ति से मेरा दामन भरो,

चेतन झलक दिखा दो,

मन तुमको ढूंढता है ।

बड़े मान से जमाना,

माँ तुमको पूजता है ॥


बड़े मान से जमाना,

माँ तुमको पूजता है,

तेरे नाम का तराना,

त्रिभुवन में गूंजता है ।

बड़े मान से जमाना,

माँ तुमको पूजता है ॥

बरसाने की लट्ठमार होली

बरसाने में हर साल लट्ठमार होली फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाती है। इस साल 2025 में यह त्योहार 8 मार्च को मनाया जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण अपने मित्रों के साथ राधारानी से भेंट करने के लिए बरसाना गए, और वहां जाकर राधारानी और उनकी सखियों को छेड़ने लगे।

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भागन पे आयो है फागण महीना कभू प्रेम की होरी बईं न,

दे दे थोड़ा प्यार मैया, तेरा क्या घट जायेगा(De De Thoda Pyar Maiya Tera Kya Ghat Jayega)

दे दे थोड़ा प्यार मैया,
तेरा क्या घट जायेगा,

काल भैरव के 108 मंत्र

मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जयंती मनाई जाती है, जिसे कालभैरव अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन काशी के कोतवाल कहे जाने वाले भगवान काल भैरव की पूजा का विधान है।

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