नवीनतम लेख

Chali Ja Rahi Hai Umar Dheere Dheere Lyrics (चली जा रही है उमर धीरे धीरे)

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,

चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे,

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥


बचपन भी जाए जवानी भी जाए,

बुढ़ापे का होगा असर धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥


तेरे हाथ पावों में बल ना रहेगा,

झुकेगी तुम्हारी कमर धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥


शिथिल अंग होंगे एक दिन तुम्हारे,

फिर मंद होगी नज़र धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥


बुराई से मन को अपने हटाले,

सुधर जाए तेरा जीवन धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥


चली जा रही है उमर धीरे धीरे,

पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,

चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे,

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,

मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥

मां अन्नपूर्णा को खुश करने के उपाय

धार्मिक मान्यता के अनुसार मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन मां पार्वती माता अन्नपूर्णा के रूप पृथ्वी पर प्रकट हुई थीं। इसलिए हर साल मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है।

ऋण-मोचक मंगल-स्तोत्रं (Rin Mochak Mangal Stotram)

मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रद:। स्थिरासनो महाकाय: सर्व-कर्मावरोधकः॥1॥

श्री प्रेतराज चालीसा (Shree Pretraj Chalisa)

गणपति की कर वंदना, गुरू चरनन चितलाये।
प्रेतराज जी का लिखूं, चालीसा हरषाय।

तेरी महिमा सभी ने बखानी(Teri Mahima Sabhi Ne Bakhani )

तेरी महिमा सभी ने बखानी,
दया हमपे करो अम्बे रानी ॥