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धन्य वह घर ही है मंदिर, जहाँ होती है रामायण (Dhanya Wah Ghar Hi Hai Mandir Jahan Hoti Hai Ramayan)

धन्य वह घर ही है मंदिर,

जहाँ होती है रामायण,

जहाँ होती है रामायण,

जहाँ होती है रामायण,

धन्य वह घर ही हैं मंदिर,

जहाँ होती है रामायण ॥


यही है कर्म की कुंजी,

यही है धर्म की पूंजी,

यही है धर्म की पूंजी,

महापतितों से पतितों के,

महापतितों से पतितों के,

भी पाप धोती है रामायण,

धन्य वह घर ही हैं मंदिर,

जहाँ होती है रामायण ॥


यही है संतो की महिमा,

यही है विश्व की गरिमा,

यही है विश्व की गरिमा,

मुक्ति का मार्ग दिखलाती,

मुक्ति का मार्ग दिखलाती,

भजन ज्योति है रामायण,

धन्य वह घर ही हैं मंदिर,

जहाँ होती है रामायण ॥


धन्य वह घर ही है मंदिर,

जहाँ होती है रामायण,

जहाँ होती है रामायण,

जहाँ होती है रामायण,

धन्य वह घर ही हैं मंदिर,

जहाँ होती है रामायण ॥

मेरा मिलन करा दों श्री राम से (Mera Milan Kara Do Shree Ram Se)

सागर सागर पार से सिया का,
समाचार लाने वाले,

नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ(Nache Nandlal Nachave Hari Ki Maiya)

नाचे नन्दलाल,
नचावे हरि की मईआ ॥

संगीत प्रारंभ पूजा विधि

भारतीय परंपरा में संगीत को आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति का साधन माना जाता है। इसलिए जब कोई व्यक्ति संगीत सीखने की शुरुआत करता है, तब वो एक संगीत प्रारंभ पूजा करता है।

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे, मैया जी का बसेरा है (Unche Unche Pahado Pe Maiya Ji Ka Basera Hai)

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे,
मैया जी का बसेरा है,