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धुला लो पाँव राघव जी, अगर जो पार जाना है (Dhul Lo Paanv Raghav Ji Agar Jo Paar Jana Hai)

धुला लो पाँव राघव जी,

अगर जो पार जाना है,

पार करते हो सब जग को,

पार करते हो सब जग को,

नाव का तो बहाना है,

धुला लो पांव राघव जी,

अगर जो पार जाना है ॥


तुम्हारे चरणों की धूलि,

सुना है जादू करती है,

जो छू जाए अगर पत्थर,

तो सुन्दर नारी बनती है,

तो सुन्दर नारी बनती है,

जो पत्थर नारी बन जाए,

काठ का क्या ठिकाना है,

धुला लो पांव राघव जी,

अगर जो पार जाना है ॥


हमारी नाव ही परिवार का,

अंतिम सहारा है,

बिना इसके ओ राघव जी,

कहाँ मेरा गुजारा है,

कहाँ मेरा गुजारा है,

ये नैया जिंदगी मेरी,

ना कोई भी ठिकाना है,

धुला लो पांव राघव जी,

अगर जो पार जाना है ॥


धुला लो पाँव राघव जी,

अगर जो पार जाना है,

पार करते हो सब जग को,

पार करते हो सब जग को,

नाव का तो बहाना है,

धुला लो पांव राघव जी,

अगर जो पार जाना है ॥

क्या है वैदिक मंत्र?

दिक मंत्र सदियों से सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म का अभिन्न हिस्सा रहा हैं। ये मंत्र प्राचीन वैदिक साहित्य से उत्पन्न हुए हैं और इनका उल्लेख वेदों, उपनिषदों और अन्य धर्मग्रंथों में भी मिलता है।

कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना! (Kaise Jiun Main Radha Rani Tere Bina)

कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना,
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना॥

तुम कालों के काल, बाबा मेरे महाकाल(Tum Kalo Ke Kal Baba Mere Mahakal )

तुम कालों के काल,
बाबा मेरे महाकाल ॥

रामदूत महावीर हनुमान, स्वीकारो (Ramdoot Mahavir Hanuman Sweekaro)

प्रनवउँ पवनकुमार,
खल बन पावक ग्यान घन,