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हमारे भोले बाबा को, मना लो जिसका दिल चाहे (Hamare Bhole Baba Ko Mana Lo Jiska Dil Chahe)

हमारे भोले बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे,

है भोले प्रेम के भूखे,

लुटा लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे ॥


माथे पर चंद्रमा सोहे,

गले में सर्पों की माला,

लटों बह रही गंगा,

नहा लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे ॥


भोले के अंग भभूति है,

कमर में मृग छाला है,

हाथ में डम डम डमरू है,

बजा लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे ॥


भोले की नंदी की सवारी,

बगल में गौरा महतारी,

गोद में गणपति लाला,

खिला लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे ॥


हमारे भोले बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे,

है भोले प्रेम के भूखे,

लुटा लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे ॥

जय माता दी गाये जा, मैया को मनाये जा (Jai Mata Di Gaye Ja Maiya Ko Manaye Ja)

जय माता दी गाये जा,
मैया को मनाये जा,

राम नाम के साबुन से जो(Ram Naam Ke Sabun Se Jo)

राम नाम के साबुन से जो,
मन का मेल भगाएगा,

नमस्कार भगवन तुम्हें भक्तों का बारम्बार हो(Namaskar Bhagwan Tumhe Bhakton Ka Barambar Ho)

नमस्कार भगवन तुम्हें,
भक्तों का बारम्बार हो,

पौष माह में करें ये उपाय

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह साल का दसवां महीना होता है जो मार्गशीर्ष पूर्णिमा के बाद शुरू होता है। वैदिक पंचाग के अनुसार, इस साल पौष माह की शुरुआत 16 दिसंबर से हो चुकी है।

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