नवीनतम लेख

भोले भोले रट ले जोगनी (Bhole Bhole Rat Le Jogani)

भोले भोले रट ले जोगनी,

शिव ही बेड़ा पार करे,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले ॥


उसकी मुक्ति कभी ना होगी,

जो शिव का ना ध्यान धरे,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले ॥


किया भस्म जब भस्मासुर को,

जो बल पे अभिमान करे,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले ॥


कामदेव करे भंग तपस्या,

उसे जला के राख करे,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले ॥


काल भी उसका कुछ ना करता,

जो शिव जी का नाम जपे,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले ॥


भोले भोले रट ले जोगनी,

शिव ही बेड़ा पार करे,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले,

भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले ॥


गुरुवायुर एकादशी मंदिर की पौराणिक कथा

"दक्षिण का स्वर्ग" कहे जाने वाले अतिसुन्दर राज्य केरल में गुरुवायुर एकादशी का पर्व पूरी आस्था के साथ मनाया जाता है। यह पर्व गुरुवायुर कृष्ण मंदिर में विशेष रूप से मनाया जाता है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।

श्री रुद्राष्टकम् मंत्र (Sri Rudrashtakam Mantra)

॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ ॥ Shrirudrashtakam ॥
namaamishmishan nirvanarupam
vibhum vyapakam bramvedasvarupam .
nijam nirgunam nirvikalpam niriham
chidakashamakashavasam bhaje̕ham . 1.

शरण तेरी आयों बांके बिहारी (Sharan Teri Aayo Banke Bihari)

शरण तेरी आयो बांके बिहारी,
शरण तेरी आयों बांके बिहारी ॥

हरे राम हरे रामा, जपते थे हनुमाना (Hare Ram Hare Rama Japte The Hanumana)

हरे राम हरे रामा,
जपते थे हनुमाना,

यह भी जाने