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जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा (Jaha Le Chaloge Vahi Me Chalunga)

जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा,

जहाँ नाथ रख लोगे, वही मैं रहूँगा ।


ये जीवन समर्पित, चरण में तुम्हारे,

तुम्ही मेरे सर्वस्व, तुम्ही प्राण प्यारे,

तुम्हे छोड़कर नाथ, किससे रहूँगा ।

जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा,

जहाँ नाथ रख लोगे, वही मैं रहूँगा ॥


दयानाथ दयानिधि, मेरी अवस्था,

तेरे ही हाथो में, मेरी व्यवस्था,

कहना होगा जो भी, तुमसे रहूँगा ।

जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा,

जहाँ नाथ रख लोगे, वही मैं रहूँगा ॥


ना कोई शिकायत, ना कोई अर्जी,

कहलो करालो, जो तेरी मर्जी,

सहाओगे जो भी, हंस के सहूँगा ।

जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा,

जहाँ नाथ रख लोगे, वही मैं रहूँगा ॥


जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा,

जहाँ नाथ रख लोगे, वहीं मैं रहूँगा ।

श्याम ने रंगस्या जी: भजन (Shyam Ne Rangsya Ji)

मेलो फागण को खाटू में चालो,
श्याम ने रंगस्या जी,

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बन्दहुँ वीणा वादिनी धरि गणपति को ध्यान |
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बुध त्रयोदशी व्रत कथा

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