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जय श्री राम राजा राम (Jai Shri Ram Raja Ram)

तेरे ही भरोसे हैं हम

तेरे ही सहारे

दुविधा की घड़ी में ये मन

तुझको ही पुकारे


तेरे ही बल से है बल हमारा

तू ही करेगा मंगल हमारा

मंत्रों से बढ़के तेरा नाम


जय श्री राम, जय श्री राम

जय श्री राम, राजा राम

जय श्री राम, जय श्री राम

जय श्री राम, राजा राम


जय श्री राम, जय श्री राम

जय श्री राम, राजा राम

जय श्री राम, जय श्री राम

जय श्री राम, राजा राम


ठथरराये धरा जो

धनुष लेके आता है तू

या रे ओ


जो असंभव को संभव करे

वो विधाता है तू

या रे ओ


सूर्यवंशी जन्म से ओ ओ

और राजा धर्म से ओ ओ

जो लड़े सारे दम से

वो तेज तुझमे भरा


वज्र चट्टी पे रोके ओ ओ

वो समुंदरों को सोखे ओ ओ

जो रहे तेरा होके

होके रहे जो तेरा


तेरे ही बल से है बल हमारा

विश्वास तुझपे अविचल हमारा

तुझसे भी बढ़के तेरा नाम


जय श्री राम, जय श्री राम

जय श्री राम, राजा राम

जय श्री राम, जय श्री राम

जय श्री राम, राजा राम


जय श्री राम, जय श्री राम

जय श्री राम, राजा राम

जय श्री राम, जय श्री राम

जय श्री राम, राजा राम

होली और रंगों का अनोखा रिश्ता

होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि ये खुशियां, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और गिले-शिकवे भुलाकर त्योहार मनाते हैं। लेकिन क्या आपने ये कभी सोचा है कि होली पर रंग लगाने की परंपरा कैसे शुरू हुई? इसके पीछे एक पौराणिक कथा छिपी हुई है, जो भगवान श्रीकृष्ण और प्रह्लाद से जुड़ी है।

भज गोविन्दम्, भज गोविन्दम् - भजन (Bhaja Govindam, Bhaja Govindam)

भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्,
गोविन्दं भज मूढ़मते।

बोल राधे, बोल राधे (Bol Radhey, Bol Radhey)

पूछते हो कैसे
पूछते हो कैसे

प्रदोष व्रत और इसके प्रकार

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र व्रत है। इसे भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है और प्रत्येक वार पर आने वाले प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व और फल है।